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मैत्री सेतु

संदर्भ

हाल ही में, भारत और बांग्लादेश के बीच 'मैत्री सेतु' का उद्घाटन किया गया है।

मैत्री सेतु 

  • यह सेतु फेनी नदी पर बनाया गया है, जो त्रिपुरा और बांग्लादेश में के बीच बहती है।
  • 9 किलोमीटर लंबा यह सेतु भारत के सबरूम (Sabroom) को बांग्लादेश के रामगढ़ (Ramgadh) से जोड़ता है।
  • इस सेतु का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (National Highways and Infrastructure Development Corporation Ltd) द्वारा किया गया है।

Sabroom

पुल का महत्त्व

  • इस उद्घाटन के साथ, त्रिपुरा 'गेटवे ऑफ नॉर्थ ईस्ट' बनने के लिये तैयार है। चूँकि इस सेतु के निर्माण की वजह से त्रिपुरा से चटगाँव (बांग्लादेश) बंदरगाह तक पहुँच आसान हो जाएगी जो सबरूम से मात्र 80 किलोमीटर दूर है।
  • 'मैत्री सेतु' नाम भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। 

फेनी नदी के बारे में

  • फेनी दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा में बहने वाली एक पार-सीमा नदी है। फेनी नदी के पानी के अधिकार को लेकर भारत एवं बांग्लादेश के बीच विवाद चल रहा है।
  • इस नदी का उद्गम दक्षिण त्रिपुरा ज़िले में होता है और यह सबरूम शहर से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है।
  • फेनी नदी के पानी के बँटवारे के प्रश्न पर पहली बार वर्ष 1958 में भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चा हुई थी।

अन्य संबद्ध परियोजनाएँ

सबरूम चेक पोस्ट

  • मैत्री सेतु के साथ ही इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट की स्थापना भी की जाएगी।
  • यह चेक पोस्ट दोनों देशों के बीच माल और यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने में सहायक होगा। साथ ही, यह पूर्वोत्तर राज्यों के उत्पादों के लिये नए बाज़ार के अवसर भी प्रदान करेगा।
  • इस परियोजना की देख-रेख भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (Land Ports Authority of India) द्वारा की जा रही है।
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