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गैलेक्टिक ज्वार /गांगेय ज्वार 

प्रारम्भिक परीक्षा – गैलेक्टिक ज्वार /गांगेय ज्वार , मिल्की वे, एंड्रोमेडा आकाशगंगा
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1

संदर्भ

  • पृथ्वी पर स्थित महासागरों के किनारों पर आने वाले ज्वार की तरह, ब्रह्मांड की आकाशगंगाएँ भी ज्वार का अनुभव (आकाश को धकेलना और खींचना) करती हैं।

Galactic-tide

प्रमुख बिंदु 

  • गैलेक्टिक ज्वार एक आकाशगंगा के भीतर गुरुत्वाकर्षण बलों के कारण होते हैं, जो सितारों और गैस के बादलों जैसी आकाशीय वस्तुओं के बीच परस्पर क्रिया से उत्पन्न होते हैं।
  • ये ज्वारीय बल आकाशगंगा के विकास के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करते हैं। ये ज्वारीय पूंछ और पुल बनाकर, तारा निर्माण को बढ़ावा देकर और छोटे तारा प्रणालियों को बाधित करके आकाशगंगा के संरचना को नया आकार दे सकते हैं।
  • आकाशगंगा के ज्वार तारों की कक्षाओं को भी बाधित करते हैं, जिससे आकाशगंगा की संरचना में दीर्घकालिक परिवर्तन होते रहते हैं। 
  • इसी प्रकार से निकटवर्ती आकाशगंगाओं की परस्पर क्रिया और अक्रिया में गैलेक्टिक ज्वार का भी प्रभाव होता है।
  • मिल्की वे की सबसे निकटतम आकाशगंगा, विशाल एंड्रोमेडा के अवलोकन से पता चला है कि इसके किनारों के पास ज्वारीय धाराएँ बौनी आकाशगंगाओं के हस्ताक्षर जैसी आकृति के रूप में हो सकती हैं।

andromeda-galaxy

  • एंड्रोमेडा आकाशगंगा 110 किमी/सेकंड की गति से हमारी आकाशगंगा की ओर बढ़ रही है जिस कारण यह हमारी आकाशगंगा से चार अरब वर्षों में टकरा सकती है।
  • गैलेक्टिक ज्वार आकाशगंगा केंद्रों में सुपरमैसिव ब्लैक होल को भी प्रभावित करते हैं। 
  • खगोल विज्ञान में यदि हमें ब्रह्माण्ड की जटिल गतिशीलता और विकास को सही मायने में समझना है तो आकाशगंगा के ज्वार को समझना महत्वपूर्ण है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: निम्नलिखित में से आकाशगंगा में गैलेक्टिक ज्वार उत्पन्न होने का कारण है? 

 (a) घर्षण बल

 (b) चुंबकीय बल

(c) गुरुत्वाकर्षण बल

(d) स्प्रिंग  बल

उत्तर: (c)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न - गैलेक्टिक ज्वार किसे कहते हैं? यह ब्रह्मांण्ड में खगोलीय घटनाओं को समझने में किस प्रकार से सहायता कर सकता है? व्याख्या कीजिए। 

स्रोत : THE HINDU

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