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हरित आवरण सूचकांक (Green Cover Index)

प्रारम्भिक परीक्षा – हरित आवरण सूचकांक
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1और 3

संदर्भ

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने "हरित आवरण सूचकांक" विकसित करने और रिपोर्ट करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की एक इकाई राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के साथ तीन साल की अवधि के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।

NHAI

प्रमुख बिंदु :-

  • राष्ट्रीय राजमार्गों पर हरित आवरण के विकास के लिए वर्ष 2015 में हरित राजमार्ग नीति शरू की गई थी, जिसमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता के रूप में राजमार्ग गलियारों की हरियाली पर जोर दिया गया है।
  • अब तक, इन वृक्षारोपणों की निगरानी फील्ड कर्मियों द्वारा साइट विजिट के माध्यम से की जाती थी लेकिन इस समझौते के पश्चात् अब NRSC राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे हरित आवरण का व्यापक आकलन करने के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह इमेजरी का उपयोग किए जायेगा।
  • इससे समय की बचत और लागत प्रभावी पद्धति शुरू होगी। 
  • NRSC प्रौद्योगिकियों के माध्यम से NHAI द्वारा प्रदर्शित वृक्षारोपण प्रबंधन और निगरानी प्रयासों को भी पूरा करेगा। 

हरित आवरण सूचकांक :-

NRSC

  • हरित आवरण के व्यापक आकलन को "हरित आवरण सूचकांक" कहा जाता है। 
  • इस सूचकांक को राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के द्वारा तैयार किया जाता है। 

राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) :- 

MORTH

  • इसका मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है।
  • यह  उपग्रह डेटा रिसेप्शन के लिए ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने, डेटा उत्पाद तैयार करने और रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोगों को विकसित करने में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। 

NRSC के द्वारा हरित आवरण सूचकांक के क्षेत्र में किये जाने वाले कार्य :-

  • इस प्रणाली के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे हरित आवरण का अनुमान लगाने के लिए पायलट परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
  • इस परियोजना का पहला मूल्यांकन चक्र राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए क्षेत्र-वार हरित आवरण सूचकांक हासिल करने पर केंद्रित है।
  • इसके द्वारा वार्षिक चक्रों में वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके हरित आवरण के विकास पैटर्न का अनुमान लगाया जाएगा, जिससे विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना और रैंकिंग किया जा सकेगा। 
  • इससे समय पर और आवधिक हस्तक्षेप की सुविधा मिलेगी।
  • यह प्रणाली राजमार्गों की प्रत्येक 1 किमी लंबाई के लिए हरित आवरण का अनुमान लगाने की क्षमता के साथ, यह परियोजना व्यक्तिगत परियोजनाओं और पैकेजों के लिए विस्तृत मेट्रिक्स प्रदान करेगी। 

लाभ :-

  • हरित आवरण सूचकांक से भारत के राजमार्गों के हरित गलियारे का विकास होगा तथा देश के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी ।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न :- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने "हरित आवरण सूचकांक" विकसित करने और रिपोर्ट करने के लिए इसरो की एक इकाई राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के साथ कितने साल के लिए समझौता किया है ?

(a)  एक साल  

(b)  दो साल 

(c)  तीन साल 

(d)  चार साल 

उत्तर: (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर क्या है? इसके कार्यों की विवेचना कीजिए।

स्रोत :- PIB 

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