केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में 240 मेगावाट की हीओ जलविद्युत परियोजना के निर्माण हेतू स्वीकृति प्रदान की
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में हीओ जलविद्युत परियोजना (एचईपी) के निर्माण के लिए 1939 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी |
परियोजना के पूरा होने का अनुमानित समय 50 महीने है।
240 मेगावाट (3x80 मेगावाट) की स्थापित क्षमता वाली यह परियोजना 1000 मिलियन यूनिट (एमयू) ऊर्जा का उत्पादन करेगी।
परियोजना से उत्पादित बिजली अरुणाचल प्रदेश राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने में भी सहायता प्रदान करेगी।
परियोजना का क्रियान्वयन नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (नीपको) और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से किया जाएगा।
इस परियोजना से क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में सुधार और सामाजिक-आर्थिक विकास भी होगा।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुरूप यह परियोजना स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं/उद्यमों/एमएसएमई को विभिन्न लाभ प्रदान करेगी।
परियोजना अपने निष्पादन के दौरान विभिन्न छोटे अनुबंधों और सेवाओं के माध्यम से स्थानीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरो का भी सृजन करेगी।
इससे परियोजना संचालन और रखरखाव के दौरान भी रोजगारों का सृजन होगा।
इसके विकास से परिवहन, पर्यटन, लघु-स्तरीय व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगे।
अरुणाचल प्रदेश :-
अरुणाचल प्रदेश, भारत का एक उत्तर-पूर्वी राज्य है।
अरुणाचल प्रदेश को पहले पूर्वात्तर सीमान्त एजेंसी (नॉर्थ ईस्ट फ़्रण्टियर एजेंसी- नेफ़ा) के नाम से जाना जाता था
राजधानी- ईटानगर
सीमाएँ :-
प्रदेश की सीमाएँ दक्षिण में असम दक्षिणपूर्व में नागालैंड राज्य से मिलती हैं
अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ :-पूर्व में बर्मा/म्यांमार पश्चिम में भूटान और उत्तर में तिब्बत(चीन) से मिलती हैं।
प्रश्न :- . निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: -
म्यांमार
भूटान
चीन
बांग्लादेश
नेपाल
उपर्युक्त में से अरुणाचल प्रदेश की सीमाएँ किन देशों से मिलतीं हैं ?