कर्नाटक में हिजाब पर प्रतिबंध वापस

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर- 2

संदर्भ-

  • मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि 23 दिसंबर, 2023 कर्नाटक में शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को हटा दिया जाएगा।

Hijab-ban

मुख्य बिंदु-

  • हिजाब पर प्रतिबंध बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लगाया गया था।
  • सिद्धारमैया के अनुसार, पोशाक तथा भोजन का विकल्प व्यक्तिगत है और किसी को भी इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

विवाद की शुरुआत-

  • 28 दिसंबर 2021 को उडुपी के सरकारी पीयू कॉलेज में 6 लड़कियों को कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं दी गई।
  • हिजाब पहनने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। 
  • फरवरी, 2023 में राज्य सरकार ने हिजाब पहनने से रोकने वाले राज्य शिक्षा संस्थानों के फैसले को मान्यता दे दिया।
  • तत्कालीन सरकार का कहना था कि "समानता, अखंडता और सार्वजनिक कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।" 
  • राज्य सरकार के अनुसार, कक्षाओं में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है।
  • प्रतिबंध के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ।

कोर्ट के आदेश-

  • अनेक छात्र आदेश के विरुद्ध कर्नाटक उच्च न्यायालय में गए । 
  • मार्च, 2023 में उच्च न्यायालय ने प्रतिबंध को बरकरार रखा और कहा हिजाब पहनना इस्लाम का आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है।
  • अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने अलग- अलग फैसला सुनाया- 
    1. न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता (अब सेवानिवृत्त) ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा और धार्मिक विश्वास को राज्य के धन का उपयोग करके बनाए गए धर्मनिरपेक्ष स्कूल में नहीं ले जाया जा सकता है।
    2. न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने राज्य तथा उच्च न्यायालय के आदेशों को रद्द कर दिया और कहा कक्षाओं में हिजाब पहनना "पसंद का मामला" और "मौलिक अधिकार" है।
  • प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं को एक उचित पीठ के गठन के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा गया है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हाल ही में किस राज्य ने शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को हटा दिया है?

(a) हरियाणा

(b) तेलंगाना

(c) कर्नाटक

(d) महाराष्ट्र

उत्तर-(c)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न-पोशाक तथा भोजन का विकल्प व्यक्तिगत है और धार्मिक या जातीय आधार पर किसी को भी इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। विवेचना कीजिए।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT