New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

एचआईवी अधिनियम(HIV Act)

प्रारंभिक परीक्षा –एचआईवी अधिनियम(HIV Act)

मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-

चर्चा में क्यों

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों को मानव इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस और एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 2017 के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

प्रमुख बिंदु

  • सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी न्यायालयों, न्यायाधिकरणों और अर्ध-न्यायिक निकायों को एचआईवी एक्ट की धारा 34(2) के अनुसार एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
  • सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान गुमनाम रखने के लिए कदम उठाए जाएं।
  • इसमें एचआईवी/एड्स से प्रभावित बच्चों, उनके माता-पिता या अभिभावकों की संपत्ति की सुरक्षा और एचआईवी या एड्स से संक्रमित बच्चों की देखभाल एवं सहायता पर जोर दिया गया।
  • न्यायालय ने भारतीय वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी को 1.5 करोड़ रुपये का मुआवजा देते हुए ये निर्देश पारित किए, जो एक सैन्य अस्पताल में ब्‍लड ट्रांसफ्यूजन के दरमियान एचआईवी से संक्रमित हो गया था।
  • न्यायालय ने चिकित्सकीय लापरवाही के लिए भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना दोनों को संयुक्त रूप से और अलग-अलग रूप से उत्तरदायी ठहराया।
  • केंद्र और राज्य सरकारों को एचआईवी एक्ट की धारा 14(1) के तहत निर्देश दिया जाता है कि वे एचआईवी या एड्स से पीड़ित व्यक्तियों के लिए एचआईवी या एड्स से संबंधित नैदानिक सुविधाओं, एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी और अपारर्चुनिस्टिक  इंफेक्‍शन मैनेजमेंट (अवसरवादी संक्रमण प्रबंधन) की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

एचआईवी (ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस)

  • एचआईवी (ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस) एक वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है।
  • यदि इसका इलाज न किया जाए तो यह एड्स (इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम) का कारण बन सकता है।
  • वर्तमान में इसका कोई प्रभावी इलाज नहीं है, लेकिन उचित चिकित्सा देखभाल से एचआईवी को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति के कुछ शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है।
  • एचआईवी सफेद रक्त कोशिकाओं पर हमला करता है जिन्हें सीडी4 कोशिकाएं कहा जाता है।
  • इससे व्यक्ति अन्य संक्रमणों और बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।
  • इसमें जैसे ही प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है तो व्यक्ति को जानलेवा संक्रमण और कैंसर होने का खतरा बना रहता है।

प्रश्न:  निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 

  1. एचआईवी एक वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है।
  2. एचआईवी सफेद रक्त कोशिकाओं पर हमला करता है जिन्हें सीडी4 कोशिकाएं कहा जाता है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं ?

  (a) केवल 1  

  (b) केवल 2  

  (c) कथन 1 और 2 

  (d) न तो 1 ना ही 2 

 उत्तर: (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : सर्वोच्च न्यायालय के मानव इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस और एक्वायर्ड इम्यूनो  डेफिशिएंसी सिंड्रोम (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 2017 के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के प्रमुख निर्देशों का उल्लेख कीजिए।

 

                                                                                                                                                                                               स्रोत: इंडिया टुडे

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X