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औद्योगिक पारितंत्र में सुधार 

संदर्भ 

भारत सरकार ने कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अनिश्चितताओं से निपटने के लिये तत्काल और नियमित उपायों को मिलाकर सभी क्षेत्रों में एक बहु-आयामी दृष्टिकोण को अपनाया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के अधिकांश घटक महामारी पूर्व स्तर पर पहुँच गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र को और अधिक बढ़ावा देने के लिये केंद्रीय बजट 2022-23 में कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ की गई हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) को प्रोत्साहन 

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को प्रोत्साहन देने हेतु इसकी परिभाषा में संशोधन; पंजीकरण प्रक्रिया को आसान करने हेतु उद्यम पोर्टल; आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के माध्यम से ऋण की उपलब्धता आदि हाल ही में किये गए कुछ सुधार हैं।
  • बजट में निम्नलिखित के साथ उद्यम पोर्टल को जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है:
  1. राष्ट्रीय कैरियर सेवाएँ एक वन-स्टॉप समाधान है जो नागरिकों को रोज़गार और कैरियर से संबंधित सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है;
  2. ई-श्रम, आधार से जुड़े असंगठित कामगारों का एक केंद्रीकृत डाटाबेस;
  3. असीम (आत्मनिर्भर कुशल कर्मचारी-नियोक्ता मानचित्रण), एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पोर्टल है जो स्थायी आजीविका के अवसर खोजने में मदद करता है।
  • इसके अतिरिक्त, कोविड-19 महामारी के कारण एम.एस.एम.ई. के समक्ष ऋण उपलब्धता, पहुँच और सामर्थ्य जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिये सरकार ने न केवल ई.सी.एल.जी.एस. के कवरेज को बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। इसके अलावा क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज़ (सीजीटीएमएसई) के लिये 2 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। 

आधारभूत संरचना को बढ़ावा 

  • बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास के लिये केंद्रीय बजट में बहुपक्षीय एजेंसियों से सहायता सहित पी.पी.पी. मोड के माध्यम से सार्वजनिक और निजी पूंजी पर बल दिया जा रहा है। गतिशीलता, दक्षता, रोज़गार सृजन के साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक एवं तृतीयक क्षेत्रों को अधिक उत्पादक बनाने तथा शहरी-ग्रामीण अंतर को कम करने के लिये एक मज़बूत बुनियादी ढाँचा महत्त्वपूर्ण है।
  • प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को 2020 में उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, घरेलू वस्तुओं की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने, घरेलू क्षमता और निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। पी.एल.आई. में 14 क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें ड्रोन और इसके घटक नवीनतम है।
  • बजट में घोषणा की गई है कि वर्ष 2022 में 1.5 लाख डाकघरों में 100% को कोर बैंकिंग सिस्टम के एक हिस्से के रूप में शामिल किया जाएगा तथा देश के 75 ज़िलों में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा 75 डिजिटल बैंकिंग इकाईयाँ स्थापित की जाएंगी।

व्यापार सुविधा

  • बजट में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस 2.0 शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है, इसमें राज्यों को भी शामिल करके मौजूदा प्रणाली में एकीकृत किया जाएगा। इसके अलावा, ईज़ ऑफ लिविंग की भी शुरुआत की जाएगी। 
  • व्यापार को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिये किये गए अन्य प्रमुख सुधारों में परिवेश पोर्टल (PARIVESH Portal), ई-पासपोर्ट, यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर और 'एक राष्ट्र एक पंजीकरण' सॉफ्टवेयर प्रमुख हैं।

निवेश को प्रोत्साहन 

  • आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 इंगित करता है कि सकल अचल पूंजी निर्माण 2021-22 में 15% की दर से बढ़ेगा और महामारी पूर्व स्तर तक पहुँच जाएगा। 
  • सभी बजट प्रस्तावों को प्रभावी बनाने और अर्थव्यवस्था को एक उच्च गति से आगे बढ़ाने के लिये, सार्वजनिक और निजी दोनों निवेशों की आवश्यकता है।
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