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आईएनएस इंफाल

प्रारंभिक परीक्षा - आईएनएस इंफाल
मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास

सन्दर्भ 

  • हाल ही में, प्रोजेक्ट 15बी श्रेणी के तहत निर्मित तीसरे स्वदेशी युद्धपोत इंफाल के समुद्री परीक्षण की शुरुआत की गयी। 
  • इसे वर्ष 2023 के अंत तक सेवा में शामिल करने की योजना है।

आईएनएस इंफाल

INS-IMPHAL

  • आईएनएस इंफाल का निर्माण मझगांव डॉक लिमिटेड द्वारा किया गया है, इसे नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा इन-हाउस डिजाइन किया गया है।  
  • इसका नाम भारत के पूर्वोत्तर शहर इंफाल के नाम पर रखा गया है।
  • इसकी लंबाई 163 मीटर है तथा चौड़ाई 17 मीटर है।
  • चार गैस टरबाइन से चलने वाला यह पोत अधिकतम 30 समुद्री मील प्रति घंटे की गति प्राप्त कर सकता है।
  • इसके शस्त्रागार में 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट, स्वदेशी टारपीडो ट्यूब लॉन्चर, स्वदेशी एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल आदि शामिल हैं।
  • पतवार के आकार और राडार पारदर्शी डेक फिटिंग के उपयोग के माध्यम से इस पोत में उन्नत स्टील्थ विशेषताओं को प्राप्त किया गया है।

परियोजना 15बी

  • परियोजना 15बी के तहत चार युद्धपोतों के निर्माण के लिये वर्ष 2011 में अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गए थे। इन सभी युद्धपोतों को वर्ष 2024 तक भारतीय नौसेना में शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • इस परियोजना के तहत स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक (Stealth Guided Missile Destroyers) का निर्माण किया जा रहा है।
  • इन्हें विशाखापट्टनम श्रेणी के जहाज़ों के रूप में जाना जाता है। 
  • इसके अंतर्गत निर्मित आईएनएस विशाखापट्टनम का वर्ष 2015 में , आईएनएस मोरमुगाओ का वर्ष 2016 में, आईएनएस इंफाल का वर्ष 2019 में तथा आईएनएस सूरत का वर्ष 2022 में जलावतरण किया गया।
  • यह परियोजना पिछले दशक में शुरू किये गए कोलकाता श्रेणी विध्वंसक (परियोजना 15ए) की अनुवर्ती है।

परियोजना 15 एवं 15ए

  • भारत का स्वदेशी विध्वंसक निर्माण कार्यक्रम, वर्ष 1990 के दशक के अंत में दिल्ली श्रेणी (परियोजना 15) के तीन युद्धपोतों के साथ शुरू हुआ। इसके तहत ‘आईएनएस दिल्ली, आईएनएस मैसूर और आईएनएस मुंबई’ नामक युद्धपोतों का निर्माण किया गया।
  • इसके पश्चात् परियोजना 15ए के तहत कोलकाता वर्ग के तीन युद्धपोतों को भी भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस श्रेणी के तीन निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोतों में ‘आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस चेन्नई’ को कमीशन किया गया।
  • इन सभी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक युद्धपोतों का निर्माण देश के सबसे महत्त्वपूर्ण रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में से एक मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDSL) द्वारा किया गया।
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