
उद्देश्य:

- पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं में जनभागीदारी को बढ़ावा देना।
- "सबकी योजना, सबका विकास" के तहत समावेशी और सहभागी योजना निर्माण सुनिश्चित करना।
शुरुआत:
- पहली बार 2 अक्टूबर 2018 को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया।
कार्यान्वयन:
- यह पंचायतों के तीन स्तरों (ग्राम, ब्लॉक, जिला) पर लागू किया जाता है।
सक्रिय भागीदारी:
- निर्वाचित प्रतिनिधि
- सरकारी कर्मी
- स्वयं सहायता समूह (SHGs)
- समुदाय आधारित संगठन
मुख्य घटक:
- पंचायत विकास योजनाएँ (2025-26)
- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP)
- ब्लॉक पंचायत विकास योजना
- जिला पंचायत विकास योजना
- इनके लिए वार्ड सभा, महिला सभा, ग्राम सभा, ब्लॉक सभा और जिला सभा का आयोजन।
ग्राम सभा-वार कैलेंडर:
- पंचायत विकास सूचकांक (PDI) के आधार पर विकास अंतरालों की पहचान और प्रस्तुति।
- थीम आधारित दृष्टिकोण (Thematic Approach)
- "समग्र सरकार और समग्र समाज" मॉडल पर आधारित।
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को स्थानीय स्तर पर लागू करना।
पंचायत विकास सूचकांक (PDI):
- मल्टी-डोमेन और मल्टी-सेक्टोरल इंडेक्स।
- पंचायतों के समग्र विकास को ट्रैक करने और सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है।
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