
- अधिसूचना: केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत जारी।
- लागू होने की तिथि: जून 2024 से।
मुख्य नियम:
- FIR दर्ज करने का अधिकार:
- परीक्षा केंद्र प्रभारी को प्रथम दृष्टया अनुचित साधन पाए जाने पर FIR दर्ज कराने और उचित कार्रवाई करने का अधिकार।
- जांच समिति:
- यदि सेवा प्रदाता (एजेंसी, संगठन, निकाय आदि) के प्रबंधन या निदेशक मंडल की संलिप्तता पाई जाती है, तो लोक परीक्षा प्राधिकरण एक जांच समिति गठित करेगा।
- सेवा प्रदाता की परिभाषा:
- कोई भी एजेंसी, संगठन, निकाय, व्यक्तियों का संघ या व्यावसायिक इकाई, जिसे लोक परीक्षा संचालन के लिए नियुक्त किया गया हो।
- क्षेत्रीय अधिकारी की जिम्मेदारी:
- अनुचित साधनों या अपराध की घटनाओं की रिपोर्ट लोक परीक्षा प्राधिकरण को देना।
- मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी भी प्राधिकरण को भेजना।
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 – दंड प्रावधान
- अनुचित साधनों में शामिल:
- प्रश्न-पत्र या उत्तर कुंजी लीक करना या अनधिकृत रूप से एक्सेस करना।
- परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी की सहायता करना।
- कंप्यूटर नेटवर्क या संसाधनों से छेड़छाड़ करना।
- फर्जी परीक्षा आयोजित करना।
- दंड प्रावधान:
- कैद:
- न्यूनतम 3 साल, अधिकतम 5 साल।
- जुर्माना:
- 10 लाख रुपये तक।
- संगठित अपराध (सेवा प्रदाता/समूह द्वारा):
- जुर्माना: 1 करोड़ रुपये तक।
- परीक्षा आयोजन की पूरी लागत वसूली जाएगी।
- अपराध की प्रकृति:
- संज्ञेय (Cognizable)।
- गैर-जमानती (Non-bailable)।
- गैर-शमनीय (Non-compoundable)।
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