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भारत में सैनिक स्कूल

प्रारंभिक परीक्षा – भारत में सैनिक स्कूल
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-2 

चर्चा में क्यों

हाल ही में एक ऑनलाइन न्यूज़ वेबसाइट ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’ ('The Reporters' Collective) ने दावा किया था कि सरकार ने 62 प्रतिशत नए सैनिक स्कूल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं को चलाने के लिए दे दिए हैं।

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प्रमुख बिंदु 

  • रिपोर्टर्स कलेक्टिव की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 40 स्कूलों ने रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल सोसाइटी (SSS) के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • इनमें से 11 स्कूलों का सीधा संबंध भाजपा नेताओं से है। 
  • 8 का प्रबंधन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके सहयोगी संगठन करते हैं।
  • 6 स्कूल हिंदू धार्मिक संगठनों से जुड़े हैं। 
  • सैनिक स्कूलों की मांग को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अक्टूबर 2021 में सैनिक स्कूल सोसायटी से संबद्ध होने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत 100 सैनिक स्कूल शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
  • सैनिक स्कूलों की स्थापना 1960 के दशक में सैनिक स्कूल सोसायटी (SSS) के तहत की गई थी, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन है।
  • भारत में कक्षा 6 में लगभग 3,000 छात्रों की प्रवेश क्षमता वाले 33 स्कूल हैं। 

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सैनिक स्कूलो के चयन का तरीका:

  • रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में एक स्कूल मूल्यांकन समिति शामिल होती है जिसमें संबंधित जिला मजिस्ट्रेट अध्यक्ष और आसपास के मौजूदा सैनिक स्कूलों या नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल शामिल होते हैं।
  • आवेदक स्कूल की भौतिक निरीक्षण और क्रेडेंशियल्स का सत्यापन निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाता है।
  •  एक अनुमोदन समिति जिसमें सैनिक स्कूल सोसाइटी का संयुक्त सचिव (SSS) अध्यक्ष होता है एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के सचिव और एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् सदस्य होते हैं।
    • अंतिम सिफारिशें यही समिति करती है।
  • रक्षा मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2021 के बाद 500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
  • आवेदनों की जांच की गई है एवं 45 स्कूलों को मंजूरी दी गई है।
  •  इसमें मौजूदा स्कूल और प्रस्तावित स्कूल दोनों शामिल हैं। 
  • इन स्कूलों को मंजूरी अनंतिम रूप से दी जाती है और इसकी निरंतरता स्कूल निरीक्षण समिति के वार्षिक निरीक्षण पर आधारित होती है।

भारत में स्कूल:

  • यूनिसेफ के अनुसार, भारत में लगभग 15 लाख स्कूल हैं, जिनमें 25 करोड विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। 
  • इनमें कुछ स्कूल ऐसी होती है, जो सरकार द्वारा देश की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखकर संचालित की जाती है। जैसे: केंद्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल, रेलवे स्कूल, नवोदय स्कूल इत्यादि।

सैनिक स्कूल:

  • सैनिक स्कूल उन चुनिंदा स्कूलों में से एक है, जो सरकार द्वारा संचालित होने वाले उच्च गुणवत्ता के विद्यालयों के रूप में जाने जाते हैं।
  • यह स्कूल राष्ट्रीय डिफेंस एकेडमी और भारतीय नौसेना अकेडमी में अधिकारी वर्ग की पदों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करते हैं।
  • सैनिक स्कूल मूल रूप से देश की रक्षा सेवाओं में योग्य अधिकारी तैयार करने के लिए बनाए गए स्कूल हैं।
  • यह आवासीय विद्यालय होते हैं। इनका संचालन रक्षा मंत्रालय के अधीन, सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा किया जाता है।
  • यह स्कूल अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान करते हैं तथा सीबीएसई(CBSC) पाठ्यक्रम का अनुसरण करते हैं।

सैनिक स्कूल की पृष्ठभूमि:

  • सैनिक स्कूल का विचार भारत की आजादी से पहले रॉयल इंडियन मिलिट्री कॉलेज और अन्य सैनिक संस्थानों से प्रेरित होकर लाया गया।
  • यह मिलिट्री शिक्षण संस्थान, ब्रिटिश सरकार के समय भारतीय सेना की जरूरतों को पूरा करते थे।
  • भारत की आजादी के बाद वर्ष 1961 में रक्षा मंत्री कृष्णा मेनन द्वारा सेना की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेना को समावेशी बनाने के लिए सैनिक स्कूल का विचार रखा।

सैनिक स्कूल बनाने के कारण:

  • भारतीय सेना में किसानों, जनजातीय क्षेत्रों के लोगों और अनुसूचित जातियों के लोगों की संख्या बढ़ने एवं सेना में इनकी संख्या बढ़ाना। 
  • ऐसे में नागरिकों के सेना में जाने के इच्छुक बच्चो को सेना के लिए योग्य बनाने के लिए प्रशिक्षण देना।
  •  सेना में जाने के इच्छुक कम उम्र के बुद्धिमान और ऊर्जावान बच्चों को तैयार करना।
  • देश के कमजोर वर्गों के नागरिकों  को भी सेना में समान अवसर प्रदान करना।

सैनिक स्कूल के उद्देश्य:

  • भारत की विविधता पूर्ण जनसंख्या में से सभी के लिए सेना में स्थान उपलब्ध कराना
  • योग्य बच्चों को सेना के लिए प्रशिक्षित करना
  • बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बना कर सेना में करियर बनाने के लिए तैयार करना

सैनिक स्कूल की विशेषताएं:

  • बेहतरीन हॉस्टल सुविधा
  • अच्छी आधारभूत संरचना
  • उच्च गुणवत्ता की शिक्षा
  •  सह शैक्षिक गतिविधियां

सैनिक स्कूल सोसाइटी:

  • यह सैनिक स्कूलों के लिए एक कार्यकारी संस्था है, रक्षा मंत्रालय द्वारा निर्देशित और नियंत्रित होती है।
  •  सैनिक स्कूल इसी सोसाइटी के अंतर्गत कार्य करते हैं।
  • यह सैनिक स्कूलों की देखरेख और उनके संचालन को बेहतर बनाती है।
  • यह सैनिक स्कूलों के लिए नियम बनाती है और नियमों में जरूरी सुधार करती है।
  • यह समय के साथ शिक्षा में बदलाव के लिए नए प्रयोग और व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए योजना बनाती है तथा उनका क्रियान्वयन करती है।

प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. सैनिक स्कूलों की मांग को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अक्टूबर 2021 में सैनिक स्कूल सोसायटी से संबद्ध होने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत 100 सैनिक स्कूल शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
  2. सैनिक स्कूलों की स्थापना 1960 के दशक में सैनिक स्कूल सोसायटी (SSS) के तहत की गई थी। 
  3. सैनिक स्कूल के उद्देश्य भारत की विविधता पूर्ण जनसंख्या में से सभी के लिए सेना में स्थान उपलब्ध कराना है।

उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं?

 (a) केवल एक 

(b) केवल दो 

 (c) सभी तीनों 

(d)  कोई भी नहीं 

उत्तर: (c)

स्रोत: THE HINDU

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