New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

प्रतिदिन की सबसे महत्वपूर्ण News पढ़ने के लिए यहाँ Click करें

1. डोनट अर्थव्यवस्था या डोनट शहर  (Doughnut economics or Doughnut cities)

20-Feb-2021

शहरों के सतत विकास से जुड़े इस मॉडल को अर्थशास्त्री केट रोवर्थ ने प्रस्तुत किया था, जिसमें शहरों का विकास डोनट (वृत्ताकार मिठाई) या जीवन रक्षा पेटी की रचना के अनुरूप किया जाता है। जहाँ बीच का रिक्त भाग, सुविधाओं से वंचित लोगों तथा बाहरी वृत्ताकार भाग जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं के विकास क्षेत्र को दर्शाता है।

2. टूलकिट (Toolkit)

19-Feb-2021

टूलकिट एक प्रकार का गूगल डॉक्यूमेंट है। इसमें किसी मुद्दे की जानकारी देने और उससे जुड़े कदम उठाने के लिए विस्तृत सुझाव ('एक्शन पॉइंट्स') होते हैं। यह सोशल मीडिया पर किसी आंदोलन को आगे बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को उससे जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक डिजिटल माध्यम है। आंदोलनकारियों के अतिरिक्त विभिन्न राजनीतिक दलों, कंपनियों, शिक्षण संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भी किसी खास मुद्दे को लेकर 'टूलकिट' का इस्तेमाल किया जाता हैं।

3. विदेशी संस्थागत निवेशक (Foreign Institutional Investors- FII)

18-Feb-2021

किसी देश के वे संस्थागत निवेशक जो उस देश के बाहर पंजीकृत होते हैं जहां वे निवेश कर रहे हैं विदेशी संस्थागत निवेशक (एफ.आई.आई.) कहलाते हैं। इनके अंतर्गत हेज फंड, बीमा कंपनियां, इन्वेस्टमेंट बैंक, पेंशन फंड और म्यूचुअल फंड आदि आते हैं।

4. स्किन हंगर (Skin Hunger)

17-Feb-2021

ऐसी स्थिति जब लंबे समय तक त्वचा से त्वचा के स्पर्श का अभाव होता है तो मनुष्य के अंदर अन्य जीवित प्राणियों से स्पर्श की एक प्रवृत्ति विकसित होने लगती है। इसे ही ‘स्किन हंगर’ कहा जाता है, जो आजकल महामारी के कारण चर्चा का विषय बना है। स्पर्श मनुष्यों के लिए महत्त्वपूर्ण है और इसके अभाव से मानसिक और शारीरिक समस्याएँ हो सकती हैं।

5. अंतर-पीढ़ीगत समता (Inter- generational equity)

16-Feb-2021

इसका आशय पर्यावरणीय संसाधनों के न्यायोचित प्रयोग तथा पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखते हुए भावी पीढ़ी को एक स्वस्थ, संसाधनपूर्ण एवं सुरक्षित पर्यावरण का हस्तांतरण करना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है। अंतर-पीढ़ीगत समता एक प्रकार से सतत विकास के लक्ष्यों को संदर्भित करती है।

6. परिमाणात्मक प्रतिबंध (Quantitative Restrictions)

15-Feb-2021

परिमाणात्मक प्रतिबंध वे विशिष्ट सीमाएँ हैं जो देशों द्वारा आंतरिक उद्योगों के संरक्षण और भुगतान शेष के घाटे को कम करने के उद्देश्य से आयात एवं निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की मात्रा तथा मूल्य पर लगाए जाते हैं।

7. निर्यात संवर्धन (Export Promotion)

12-Feb-2021

राजकीय एवं व्यापारिक समर्थन प्राप्त वे सभी नीतियाँ जिन्हें सरकार द्वारा अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करने तथा उच्च आर्थिक संवृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपनाई जाती है। इन नीतियों के माध्यम से निर्यात बाधाओं को दूर किया जाता है।

8. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment)

11-Feb-2021

किसी देश की आंतरिक संरचनाओं, संयत्रों और संस्थाओं में विदेशी परिसंपत्तियों का निवेश। इसके अंतर्गत शेयर बाजार में लगी विदेशी पूँजी को शामिल नहीं किया जाता। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को शेयर बाजार के माध्यम से स्वदेशी कंपनियों में निवेश से बेहतर माना जाता है।

9. आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution)

10-Feb-2021

किसी भी सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली आर्थिक विकास की वह नीति जिसके माध्यम से देश की घरेलू वस्तुएँ आयात की जाने वाली वस्तुओं का स्थान ले लेती हैं। इसका उद्देश्य देश के आंतरिक उद्योगों को आत्मनिर्भरता प्रदान करना एवं रोजगार संवर्धन करना है।

10. राजकोषीय संघवाद (Fiscal federalism)

09-Feb-2021

राजकोषीय संघवाद केंद्र, राज्य तथा अन्य स्थानीय निकायों के बीच वित्तीय संबंधों ( यथा - कराधान एवं सार्वजनिक व्यय संबंधी उत्तरदायित्वों के विभाजन ) को संदर्भित करता है। यह दर्शाता है कि व्यय और राजस्व को सरकारी प्रशासन के विभिन्न स्तरों में इस प्रकार आवंटित किया जाए कि पसंदीदा जन सेवाएँ व्यापक स्तर पर प्रदान करने के साथ- साथ सरकारी लागत को भी कम किया जा सके।

upsc english
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X