म्यूचुअल फंड और इनसाइडर ट्रेडिंग 

  • 26th November, 2022

(प्रारंभिक परीक्षा के लिए - म्यूचुअल फंड, इनसाइडर ट्रेडिंग, सेबी)
(मुख्य परीक्षा के लिए, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र:2 - सरकारी नीतियाँ)

संदर्भ 

  • हाल ही में पूंजी बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड की खरीद और बिक्री को इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के दायरे में लाने के लिए मानदंडों में संशोधन किया है।
  • वर्तमान में, इनसाइडर ट्रेडिंग नियम, अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी (UPSI) की जानकारी होने पर सूचीबद्ध कंपनियों या सूचीबद्ध होने के लिए प्रस्तावित प्रतिभूतियों में व्यवहार करने के लिए लागू होते हैं।
    • म्यूचुअल फंड इकाइयों को विशेष रूप से नियमों के तहत प्रतिभूतियों की परिभाषा से बाहर रखा गया है।
  • सेबी का यह निर्णय, फ्रैंकलिन टेम्पलटन प्रकरण के बाद आया है, जिसमें फंड हाउस के कुछ अधिकारियों पर 6 ऋण योजनाओं को भुनाने के लिए बंद करने से पहले योजनाओं में अपनी होल्डिंग को भुनाने का आरोप लगाया गया था।

महत्वपूर्ण बिन्दु

  • सेबी की अधिसूचना के अनुसार कोई भी अंदरूनी सूत्र अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी होने पर म्यूचुअल फंड की किसी योजना की इकाइयों में व्यापार नहीं करेगा, जिसका किसी योजना के शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य पर भौतिक प्रभाव हो या उसके हित पर भौतिक प्रभाव पड़ सकता है।
  • नए नियमों के तहत, परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को स्टॉक एक्सचेंजों के मंच पर एएमसी, ट्रस्टियों और उनके करीबी रिश्तेदारों द्वारा धारित अपनी म्यूचुअल फंड योजनाओं की इकाइयों में होल्डिंग के विवरण का खुलासा करना होगा।
  • अपने स्वयं के म्युचुअल फंड की इकाइयों में सभी लेनदेन की सूचना, संपत्ति प्रबंधन कंपनी के नामित व्यक्तियों, ट्रस्टियों और उनके तत्काल रिश्तेदारों द्वारा निष्पादित संबंधित व्यक्ति द्वारा संपत्ति प्रबंधन कंपनी के अनुपालन अधिकारी को लेन-देन की तारीख से दो दिनों के अंदर दी जाएगी। 
  • इसके अलावा, एएमसी का अनुपालन अधिकारी, समापन अवधि निर्धारित करेगा, जिसके दौरान नामित व्यक्ति म्यूचुअल फंड की इकाइयों में लेनदेन नहीं कर सकता है।
  • भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मौजूदा अंदरूनी व्यापार नियमों के प्रावधानों के अनुरूप नामित व्यक्तियों के लिए आचार संहिता का एक न्यूनतम मानक भी निर्धारित किया है।
  • इनसाइडर ट्रेडिंग की रोकथाम के लिए संस्थागत तंत्र को निर्दिष्ट करते हुए, किसी संपत्ति प्रबंधन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या प्रबंध निदेशक, ट्रस्टी या किसी मध्यस्थ या प्रत्ययी के ऐसे अन्य समान व्यक्ति के अनुमोदन से पर्याप्त और प्रभावी प्रणाली स्थापित करेंगे।
  • इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए इन आंतरिक नियंत्रणों में UPSI तक पहुंच रखने वाले सभी कर्मचारियों को नामित व्यक्तियों के रूप में पहचाना जायेगा और सभी UPSI की पहचान की जाएगी और इनकी गोपनीयता बनाए रखने की आवश्यकता होगी।

इनसाइडर ट्रेडिंग

  • इसके अंतर्गत, प्रतिभूति के संबंध में गैर-सार्वजनिक महत्वपूर्ण जानकारी रखने वाले किसी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति की खरीद या बिक्री शामिल है। 
  • सेबी (इनसाइडर ट्रेडिंग का निषेध) विनियम, 2015 का विनियम 3(1) इनसाइडर ट्रेडिंग पर प्रतिबंध लगाता है।
  • कंपनी अधिनियम, 2013 भी इनसाइडर ट्रेडिंग पर प्रतिबंध लगाता है।

इनसाइडर

  • इनसाइडर शब्द को सेबी (इनसाइडर ट्रेडिंग का निषेध) विनियम, 1992 के विनियम 2(ई) के तहत परिभाषित किया गया है। 
  • इसके अनुसार, इनसाइडर एक ऐसा व्यक्ति है, जो एक कंपनी से जुड़ा हुआ है, या जिसकी यूपीएसआई तक पहुंच है। 
  • यह जुड़ा हुआ व्यक्ति कोई भी हो सकता है, जो अंदरूनी व्यापार से पहले के छह महीनों के दौरान, किसी तरह से कंपनी से जुड़ा रहा हो।
  • यह कंपनी के निदेशक या कर्मचारी या उनके करीबी रिश्तेदार, या कंपनी के कानूनी सलाहकार या बैंकर या यहां तक ​​कि स्टॉक एक्सचेंजों के एक अधिकारी या संपत्ति प्रबंधन कंपनी के ट्रस्टी या कर्मचारी हो सकते हैं जिन्होंने कंपनी के साथ बातचीत की।
  • मूल रूप से, 'इनसाइडर' शब्द को तीन व्यापक श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जो है -
    • कंपनी से जुड़े लोग।
    • जो लोग कंपनी से जुड़े थे। 
    • जिन व्यक्तियों को कंपनी से जुड़ा माना जाता है।
  • इनसाइडर बनने के लिए एक व्यक्ति को निम्नलिखित तीन शर्तों को पूरा करना होता है -
    • व्यक्ति एक प्राकृतिक व्यक्ति या कानूनी इकाई होना चाहिए
    • वह कंपनी से जुड़ा हुआ व्यक्ति होना चाहिए या जुड़ा हुआ समझा जाना चाहिए
    • व्यक्ति को इस तरह के कनेक्शन के आधार पर अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी तक पहुँच हासिल हो।

म्यूचुअल फंड

  • म्यूचुअल फंड निवेश का एक प्रकार है, निवेशकों के समूह मिलकर कंपनियों के शेयरों, सरकारी प्रतिभूतियों तथा गोल्ड आदि में निवेश करते हैं।
  • म्यूचुअल फंड में कई निवेशकों का पैसा एक जगह जमा किया जाता है, और इस फंड में से फिर बाज़ार में निवेश किया जाता है।
  • म्यूचुअल फंड को एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) द्वारा मैनेज किया जाता है, प्रत्येक AMC में आमतौर पर कई म्यूचुअल फंड स्कीम होती हैं।
  • यह फंड आम तौर पर एक फंड मैनेजर द्वारा प्रशासित किया जाता है, जो इसके बदले में निवेशकों से शुल्क वसूलता है।
  • व्यक्ति और संस्थान दोनों म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं।
  • म्यूचुअल फंड कंपनी की कीमत उसके द्वारा खरीदी गई प्रतिभूतियों के प्रदर्शन से तय होती है।
  • एकल होल्डिंग के बजाय, एक म्यूचुअल फंड शेयर विभिन्न स्टॉक (या अन्य प्रतिभूतियों) में निवेश का प्रतिनिधित्व करता है।
  • म्यूचुअल फंड का भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के साथ पंजीकृत होना अनिवार्य है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)

  • भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड भारत में प्रतिभूति और वित्त का नियामक बोर्ड है।
  • सेबी की स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के तहत 12 अप्रैल, 1992 को हुई थी।
  • इसका मुख्यालय मुंबई में है।

सेबी के कार्य -

  • सेबी का प्रमुख उद्देश्य भारतीय स्टाक निवेशकों के हितों का उत्तम संरक्षण प्रदान करना, और प्रतिभूति बाजार के विकास तथा नियमन को प्रवर्तित करना है।
  • स्टॉक ब्रोकर्स, शेयर ट्रान्सफर एजेंट्स, ट्रस्टीज, मर्चेंट बैंकर्स, गोल्ड एक्सचेंज, पोर्टफोलियो मैनेजर आदि के कार्यो का नियमन करना एवं उन्हें पंजीकृत करना।
  • म्यूचुअल फण्ड की सामूहिक निवेश योजनाओ को पंजीकृत करना तथा उनका नियमन करना।
  • प्रतिभूतियों के बाजार से सम्बंधित अनुचित व्यापार व्यवहारों (Unfair Trade Practices) को समाप्त करना।

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