New
GS Foundation (P+M) - Delhi: 5 May, 3:00 PM GS Foundation (P+M) - Prayagraj: 11 May, 5:30 PM Call Our Course Coordinator: 9555124124 Request Call Back GS Foundation (P+M) - Delhi: 5 May, 3:00 PM GS Foundation (P+M) - Prayagraj: 11 May, 5:30 PM Call Our Course Coordinator: 9555124124 Request Call Back

“ओमेगा सेंटोरी क्लस्टर”

प्रारम्भिक परीक्षा – “ओमेगा सेंटोरी क्लस्टर”
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1 

संदर्भ

  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) के वैज्ञानिकों के द्वारा “ओमेगा सेंटोरी क्लस्टर” की खोज की गई है।

Omega-Centauri-Cluster       

ओमेगा सेंटोरी क्लस्टर:

  • ओमेगा सेंटोरी क्लस्टर पृथ्वी से करीब 17,090 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।
  • इस क्लस्टर के एक गुच्छे में पांच लाख से ज्यादा तारे हैं। जो प्रकाश को परिवर्तित करने में सक्षम होते हैं।
  • यह लगभग 150 प्रकाश-वर्ष के व्यास पर मिल्की वे में सबसे बड़ा ज्ञात गोलाकार तारों का एक विशाल समूह है। 
  • इस क्लस्टर में विभिन्न उम्र के तारे उपस्थित हैं, जबकि अन्य गोलाकार समूहों में केवल एक पीढ़ी के तारे ही स्थित होते हैं।
  • यह आकार में पूर्णिमा के चांद जैसा ही बड़ा दिखता है। यह सूर्य से लगभग 40 लाख गुना भारी है। 
  • वैज्ञानिकों द्वारा इस क्लस्टर का अध्ययन करने का उद्देश्य इसके भीतरी भाग की निगरानी करना तथा इस क्लस्टर का खाका खींचना/तैयार करना। इन आंकड़े के द्वारा तारों के वितरण को समझने में सहायता मिल सकती है।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के Gaia’s मिशन – 

  • इस मिशन का प्रारम्भ वर्ष 2013 में किया गया था।  मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष में स्थित लगभग एक अरब तारों की सटीक स्थिति, गति और चमक को मापने के अतिरिक्त, उपग्रह ने अन्य वस्तुओं की एक विशाल श्रृंखला पर 3Dडेटा तैयार करना है। 
  • इस मिशन के तहत वैज्ञानिक ग्लोब्यूलर क्लस्टर्स कहे जाने वाले तारों के बेहद विशाल समूह के बारे में 3Dडेटा एकत्र कर रहे हैं। 

महत्व

  • ग्लोब्यूलर क्लस्टर  की स्थिति का अध्ययन कर वैज्ञानिक सूर्य और गैलेक्सी के स्पाइरल स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

ग्लोब्यूलर क्लस्टर :

  • यह लाखों तारों का बहुत ही सघन झुंड होता है। ये क्लस्टर ब्रह्मांड के सबसे पुराने खगोलीय पिंड हैं। 
  • इन क्लस्टरों से पता चलता है कि सूर्य मिल्की वे आकाशगंगा/गैलेक्सी के केंद्र में स्थित नहीं है। जबकि आकाशगंगा के ज्यादातर ग्लोब्यूलर क्लस्टर, मिल्की वे के केंद्र में स्थित है। 
  • इन विशाल खगोलीय पिंड का गुरुत्वाकर्षण बहुत ही अधिक होता है । 

आकाशगंगाएँ (Galaxy) :

  • आकाशगंगा असंख्य तारों का एक विशाल पुंज/समूह होता है, जिसमें एक केन्द्रीय बल्ज (Bulge) एवं तीन घूर्णनशील भुजाएँ होती हैं।
  • ये तीनों घूर्णनशील भुजाएँ अनेक तारों से निर्मित होती है। बल्ज, आकाशगंगा के केन्द्र को कहा जाता है। यहाँ तारों का संकेन्द्रण सर्वाधिक होता है। 
  • प्रत्येक आकाशगंगा में अनुमानत: 100 अरब तारे होते हैं। 

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- ओमेगा सेंटोरी क्लस्टर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 

  1. यह क्लस्टर पृथ्वी से करीब 17,090 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। 
  2. इस क्लस्टर के एक गुच्छे में पांच लाख से ज्यादा तारे हैं। जो प्रकाश को परिवर्तित करने में सक्षम होते हैं।
  3. यह आकार में पूर्णिमा के चांद जैसा दिखता है तथा  यह सूर्य से लगभग 40 लाख गुना भारी है। 

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं

उत्तर - (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- ओमेगा सेंटोरी क्लस्टर क्या है? इसके प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख  कीजिए।  

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR