Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 4

वैश्विक महामारी के दौर में प्रवासी श्रमिकों के समक्ष उत्पन्न नैतिक मुद्दों की पहचान कीजिये तथा इस संदर्भ में सभ्य समाज एवं राज्य की भूमिका का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)

22-Jul-2021 | GS Paper - 4

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका (40-50 शब्द)

‘वैश्विक महामारी’ एवं ‘प्रवासी श्रमिक' को संक्षेप में स्पष्ट करते हुए भूमिका लिखें।

मुख्य भाग (160-170 शब्द)

  • आपदा काल में प्रवासी श्रमिकों के समक्ष उत्पन्न विभिन्न नैतिक समस्याओं, जैसे- ‘जीवन और आजीविका’ के मध्य उपस्थित द्वंद्व, मानवीय मूल्य एवं प्रतिष्ठा को पहुँची चोट, भूख एवं गरीबी से जुड़े मुद्दे इत्यादि को रेखांकित करें।
  • राज्य द्वारा उठाए गए कदम यथा- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत, आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत आर्थिक पैकेज की घोषणा इत्यादि की चर्चा करें।
  • समाज द्वारा किये जाने वाले प्रयासों जैसे- विभिन्न लोगों, विशिष्ट व्यक्तियों (सोनू सूद), गैर-सरकारी संगठनों इत्यादि की भी चर्चा करें। 
  • इस संदर्भ में राज्य एवं सभ्य समाज द्वारा समस्या समाधान हेतु अपनाए जा सकने वाले कुछ सुझावों जैसे- प्रवासी श्रमिकों के लिये अस्थायी आवास की व्यवस्था करना, टीकाकरण में प्राथमिकता दिया जाना, राहगीर प्रवासी श्रमिकों के लिये भोजन का प्रबंध करना, श्रमिकों की सहायता के लिये सरकार पर दबाव बनाना इत्यादि की चर्चा करें।

निष्कर्ष (25-30 शब्द)

समाज में नैतिकता और मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता को स्पष्ट करते हुए संतुलित निष्कर्ष लिखें।

upsc english
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT