शंघाई सहयोग संगठन की 25वीं राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक
चर्चा में क्यों ?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक 30–31 अगस्त 2025 को तियानजिन, चीन में शुरू हो रही है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महत्वाकांक्षी SCO शिखर सम्मेलन माना जा रहा है क्योंकि इसमें:
20 से अधिक विश्व नेताओं की भागीदारी होगी।
10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।
चीन इस बार की मेज़बानी कर रहा है और राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसकी अध्यक्षता करेंगे।
इस बार सम्मेलन का विषय है:“शंघाई भावना को कायम रखना: SCO की गतिशीलता”
चीन ने 2025 को “SCO सतत विकास वर्ष” भी घोषित किया है।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO)
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
इसका गठन जून 2001 में शंघाई(चीन) में किया गया था।
SCO के गठन से पहले शंघाई फाइव नाम का एक संगठन था। कज़ाखस्तान, चीन, किर्गिज़स्तान, रूस और ताजिकिस्तान शंघाई फाइव के सदस्य थे।
वर्ष 2001 में उज़्बेकिस्तान के शामिल होने के बाद शंघाई फाइव का नाम बदलकर शंघाई सहयोग संगठन कर दिया गया।
वर्ष 2017 में भारत तथा पाकिस्तान को इस संगठन का सदस्य बनाया गया।
दुशांबे में आयोजित वर्ष 2021 की शिखर वार्ता में ईरान को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
24वीं बैठक कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में बेलारूस को इसके 10वें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
रूसी तथा मंदारिन, SCO की आधिकारिक भाषाएँ हैं।
यह शंघाई स्पिरिट नामक दर्शन से संचालित होता है, जो कि सद्भाव, सर्वसम्मति से काम करने, दूसरों की संस्कृति का सम्मान करने तथा दूसरों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करने एवं गुटनिरपेक्षता पर बल देता है।
SCO की अध्यक्षता सदस्य देशों द्वारा रोटेशन के आधार पर एक-एक वर्ष के लिए की जाती है।
यह संगठन दुनिया की लगभग 42% आबादी, 22% भूमि क्षेत्र और 20% सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिनिधित्व करता है।
प्रश्न. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक अगस्त 2025 में कहाँ आयोजित हो रही है ?