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बंगाल की खाड़ी में 50,000 साल पुराने मैगेंटोफॉसिल्स की खोज 

प्रारम्भिक परीक्षा – बंगाल की खाड़ी में 50,000 साल पुराने मैगेंटोफॉसिल्स की खोज की
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 3 (पर्यावरण)

संदर्भ

हाल ही में वैज्ञानिकों ने बंगाल की खाड़ी में 50,000 साल पुराने मैगेंटोफॉसिल्स की खोज की।

magentofossils

प्रमुख बिंदु :-

इस खोज को नेचर जर्नल पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। 

मैगेंटोफॉसिल्स (Magnetofossils):-

  • ये मैग्नेटोटैक्टिक बैक्टीरिया द्वारा बनाए गए चुंबकीय कणों के जीवाश्म अवशेष हैं। 
  • इन्हें मैग्नेटोबैक्टीरिया भी कहा जाता है।
  • मैग्नेटोटैक्टिक बैक्टीरिया प्रोकैरियोटिक जीव हैं। 
  • ये जीव पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के साथ व्यवस्थित रहते हैं। 
  • ये सर्वोत्तम ऑक्सीजन सांद्रता वाले स्थानों तक पहुंचने के लिए पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का अनुसरण करते हैं। 
  • इस बैक्टीरिया के छोटी थैलियों में "लौह से भरपूर नवीन संरचित कण" होते हैं, जो अनिवार्य रूप से एक कम्पास के रूप में कार्य करते हैं।
  • मैग्नेटोटैक्टिक बैक्टीरिया, लौह-समृद्ध खनिज मैग्नेटाइट या ग्रेगाइट से बने छोटे क्रिस्टल बनाते हैं। 
  • ये क्रिस्टल इन्हें जल निकाय में परिवर्तित होते ऑक्सीजन स्तर को नेविगेट करने में सहायता करते हैं।
  • क्रिस्टल बनाने वाले बैक्टीरिया द्वारा छोड़े गए जीवाश्म वैज्ञानिकों को उन स्थितियों का पता लगाने में सहायता करते हैं जो लाखों साल पहले प्रचलित थीं।

वैज्ञानिकों द्वारा बंगाल की खाड़ी किये गए अध्ययन की विशेषता :-

Bay-of-Bengal

  • इस अध्ययन के अनुसार, बंगाल की दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी से तीन मीटर लंबे तलछट कोर में मुख्य रूप से "हल्की हरी गादयुक्त मिट्टी"(pale green silty clays) पायी गई है। 
  • इसमें प्रचुर मात्रा में बेंटिक और प्लैंक्टिक फोरामिनिफेरा (benthic and planktic foraminifera) पाए गए हैं। 
    • यह समुद्र तल के पास पाए जाने वाले एकल-कोशिका वाले जीव हैं जो पानी में स्वतंत्र रूप से तैरते रहते हैं।
    • इनका आकार गोल होता है।
  • इस अध्ययन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में लगभग 1,000-1,500 मीटर की गहराई पर, ऑक्सीजन की सांद्रता स्पष्ट रूप से कम है।
  • बंगाल की खाड़ी के तलछट के नमूने के विश्लेषण से मानसून में उतार-चढ़ाव की पुष्टि हुई है। 
  • इसकी पुष्टि वैज्ञानिकों द्वारा को दो अलग-अलग भू-वैज्ञानिक अवधियों के चुंबकीय खनिजों के कण से की गई है।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, गोदावरी, महानदी, गंगा-ब्रह्मपुत्र, कावेरी और पेन्नार आदि नदियों ने बंगाल की खाड़ी में मैग्नेटोफॉसिल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • इन नदियों द्वारा लाए गए पोषक तत्वों से भरपूर तलछट ने प्रतिक्रियाशील लोहे की पर्याप्त आपूर्ति की। 
  • इस तलछट ने बंगाल की खाड़ी की सबॉक्सिक स्थितियों में उपलब्ध कार्बनिक कार्बन के साथ मिलकर मैग्नेटोटेटिक बैक्टीरिया के विकास के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण किया।

प्रारम्भिक परीक्षा प्रश्न : मैगेंटोफॉसिल्स (Magnetofossils) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. यह मैग्नेटोटैक्टिक बैक्टीरिया द्वारा बनाए गए चुंबकीय कणों के जीवाश्म के अवशेष हैं। 
  2. ये जीव सर्वोत्तम ऑक्सीजन सांद्रता वाले स्थानों तक पहुंचने के लिए पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का अनुसरण करते हैं। 
  3. हाल ही में गोवा के वैज्ञानिकों ने बंगाल की खाड़ी में 50,000 साल पुराने मैगेंटोफॉसिल्स की खोज की गई है। 

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(a) केवल एक 

(b) केवल दो 

(c) सभी तीन  

(d) कोई भी नहीं 

उत्तर (c)

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