रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन योजना

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)

संदर्भ  

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष जोर देते हुए सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, रोजगार क्षमता एवं सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive: ELI) योजना को मंजूरी दी है।

रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन योजना के बारे में 

  • घोषणा : बजट 2024-25 में प्रधानमंत्री की पांच योजनाओं के पैकेज के रूप में
  • कुल बजट परिव्यय : 2 लाख करोड़ रुपए
  • लक्ष्य : 2 वर्षों की अवधि में देश में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजन
    • इनमें से 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार कार्यबल में प्रवेश करने वाले होंगे। 
  • समयावधि : इस योजना का लाभ 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित रोजगार पर लागू होगा।

प्रमुख विशेषताएँ 

इस योजना में दो भाग हैं, जिसमें भाग-ए पहली बार आवेदन करने वालों पर केंद्रित है तथा भाग-बी नियोक्ताओं पर केंद्रित है:

भाग ए: पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन

  • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के साथ पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए, इस भाग में सरकार द्वारा एक महीने का ई.पी.एफ. वेतन अधिकतम 15,000 रुपए तक दो किस्तों में दिया जाएगा। 
  • इसके लिए 1 लाख रुपए तक के वेतन वाले कर्मचारी पात्र होंगे। 
  • पहली किस्त 6 महीने की सेवा के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा तथा कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी।
  • बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए, प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए जमा खाते के बचत साधन में रखा जाएगा और कर्मचारी द्वारा बाद की तारीख में निकाला जा सकता है।
  • भाग ए से पहली बार रोजगार पाने वाले लगभग 1.92 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

भाग बी: नियोक्ताओं को सहायता

  • इस भाग में सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को शामिल किया जाएगा, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 
  • नियोक्ताओं को 1 लाख रुपए तक के वेतन वाले कर्मचारियों के संबंध में प्रोत्साहन मिलेगा। 
  • सरकार नियोक्ताओं को कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्ष तक 3000 रुपए प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। 
  • विनिर्माण क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन तीसरे व चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा।
  • ई.पी.एफ.ओ. के साथ पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह महीने के लिए निरंतर आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) नियुक्त करने की आवश्यकता होगी। 
  • इस भाग से लगभग 2.60 करोड़ व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार सृजन के उद्देश्य से नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि मिलने की उम्मीद है।
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