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अगस्त 2023 दूसरा सबसे गर्म वर्ष 

प्रारम्भिक परीक्षा – ग्लोबल वार्मिंग
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1और 3

संदर्भ

  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में अब तक की सबसे अत्यधिक गर्मी अगस्त में रिकॉर्ड की गई।

global_warming

प्रमुख बिंदु 

  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और यूरोपीय जलवायु सेवा कोपरनिकस के अनुसार ,अब तक का सबसे गर्म महीना अगस्त 2023 था, जिसमें लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस (2.7 डिग्री फ़ारेनहाइट) तापमान रिकॉर्ड किया गया था। यह जुलाई 2023 के बाद मापा गया दूसरा सबसे गर्म महीना था।
  • 1.5 डिग्री सेल्सियस (2.7 डिग्री फ़ारेनहाइट) तापमान वह सीमा है जिसे दुनिया पार नहीं करने की कोशिश कर रही है।
  • डब्ल्यूएमओ और कोपरनिकस के अनुसार, विश्व में स्थित 70 प्रतिशत महासागर पर अब तक का सबसे गर्म लगभग 21 डिग्री सेल्सियस (69.8 डिग्री F)तापमान रिकॉर्ड किया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बयान में कहा कि "जलवायु का विघटन शुरू हो गया है।" जिसका प्रभाव जीवों पर पड़ रहा है उदहारण : "गर्मी के दिनों में कुत्ते सिर्फ भौंक नहीं रहे हैं, बल्कि काट भी रहे हैं।" 
  • कोपरनिकस के अनुसार, अब तक 2016 के बाद 2023 में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

अत्यधिक गर्मी का कारण 

  • वैज्ञानिकों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी पड़ने का कारण कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस के जलने के साथ-साथ  प्राकृतिक घटना एल नीनो के अतिरिक्त मानव जनित कारक जलवायु परिवर्तन के जिम्मेदार हैं। 
  • अल नीनों के प्रभाव से प्रशांत महासागर का कुछ हिस्सा अस्थायी रूप से गर्म हो गया है इसका परिणाम विश्व में मौसम परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। 
  • जलवायु विज्ञानी एंड्रयू वीवर ने कहा कि डब्ल्यूएमओ और कोपरनिकस द्वारा घोषित संख्याएं कोई आश्चर्य की बात नहीं हैं, यह दुःख की बात है कि सरकारें ग्लोबल वार्मिंग के मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जब तापमान फिर से गिरेगा तो जनता इस मुद्दे को भूल जाएगी।

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  • कनाडा में विक्टोरिया विश्वविद्यालय में पृथ्वी और महासागर विज्ञान स्कूल के प्रोफेसर वीवर के अनुसार, “तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित नहीं किया गया तो 2.0 डिग्री सेल्सियस तक भी सीमित नहीं किया जा सकता है । जिसका परिणाम ये होगा कि 3.0 डिग्री सेल्सियस  तापमान के कारण प्रारंभ ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व में विनाश का कारण बनेगा।
  • वैज्ञानिकों ने पेड़ के छल्ले, बर्फ के टुकड़े और अन्य प्रॉक्सी का उपयोग करके पता लगाया है कि पृथ्वी लगभग 120,000 वर्षों की तुलना में वर्तमान में अधिक गर्म है।  इस गर्मी के कारण ध्रुवों पर से बर्फ पिघल रहे हैं परिणामस्वरूप समुद्री जल स्तर में वृद्धि हो रही है। उदाहरण :  अंटार्कटिका में ऐसी घटना देखी जा सकती है।

प्रभाव

  • उच्च वैश्विक तापमान के प्रभाव से अत्यधिक गर्मी, जंगल की आग और रेगिस्तान की धूल के कारण वायु की गुणवत्ता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव पड़ रहा  है ।
  • "अगर अल नीनो के परिणामस्वरूप गर्म समुद्र की लहरें बढ़ती हैं, तो तापमान भी बढ़ जायेगा, जिससे जंगल की आग ,तूफान इत्यादि प्राकृतिक घटनाओं में वृद्धि होगी।"

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारकों पर विचार कीजिए :

  1. एल नीनों।
  2. ला नीनों। 
  3. कार्बन डाईआक्साइड।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही है?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं 

उत्तर : (b)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न -  ग्लोबल वार्मिंग क्या है? इसके विश्व पर पड़ने वाले प्रभावों की व्याख्या कीजिए।

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