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बटागाय क्रेटर

  • ‘अधोलोक का प्रवेश द्वार’ (Gateway to the Underworld) के रूप में प्रसिद्ध दुनिया के विशाल क्रेटरों में से एक बटागाय क्रेटर (Batagay Crater) प्रतिवर्ष 35 मिलियन क्यूबिक फीट बढ़ रहा है। 
  • एक नए अध्ययन के अनुसार, साइबेरिया के पर्माफ्रॉस्ट में स्थित विशाल गड्ढा जमीन के पिघलने के कारण फैल रहा है।

BATAGAI

  • यह क्रेटर आधिकारिक तौर पर बटागाय (बटागाइका) के नाम से जाना जाता है। 
    • गोलाकार खड़ी चट्टानों (Cliff) वाले इस क्रेटर को पहली बार वर्ष 1991 में उपग्रह चित्रों के माध्यम से खोजा गया था।
  • इस क्रेटर का निर्माण रूस में उत्तरी याकुटिया के याना उच्चभूमि के एक हिस्से के ढह जाने के बाद हुआ था। 
    • उच्चभूमि के ढहने से लगभग 650,000 वर्षों से जमी हुई पर्माफ्रॉस्ट की परतें उद्घाटित होने से पिघलने लगीं।

पर्माफ्रॉस्ट

  • पर्माफ्रॉस्ट को बर्फीले क्षेत्रों में पृथ्वी की सतह के नीचे जमी हुई ऐसी आधार भूमि, बजरी, रेत, बर्फ या कार्बनिक पदार्थ के रूप में परिभाषित किया गया है, जो लगातार कम-से-कम दो वर्षों तक शून्य डिग्री सेल्सियस पर या उससे नीचे जमी हुई अवस्था में रही हो।
  • यह 32 °F (0 °C) से कम तापमान वाले क्षेत्रों में (उत्तरी गोलार्ध) भूमि एवं समुद्र तल के नीचे पाया जाता है। 
    • आर्कटिक क्षेत्रों, जैसे- ग्रीनलैंड, अमेरिका के अलास्का, रूस, उत्तरी चीन एवं पूर्वी यूरोप में पर्माफ्रॉस्ट पाए जाते हैं।
  • यह पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में लगभग 22.8 मिलियन वर्ग किमी. (8.8 मिलियन वर्ग मील) क्षेत्र में स्थित है।
  • पर्माफ्रॉस्ट का महत्व : यह जलवायु परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण संकेतक हैं। आर्कटिक में बढ़ते तापमान के कारण पर्माफ्रॉस्ट का गलन प्रारंभ होने से कार्बनिक पदार्थ विघटित होकर कार्बन को ग्रीनहाउस गैसों (जैसे- कार्बन-डाइऑक्साइड एवं मीथेन) के रूप में वायुमंडल में उत्सर्जित कर देते है।
  • जमी हुई अवस्था वाली भूमि हमेशा पर्माफ्रॉस्ट नहीं होती है। वह मृदा परत जो प्रतिवर्ष 15 दिनों से अधिक समय तक जमी अवस्था में रहता है, उसे ‘मौसमी रूप से जमी हुई भूमि’ कहा जाता है।
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