बायोई3 नीति की पहली वर्षगांठ पर बायोई3@1 का आयोजन

चर्चा में क्यों?

  • अंतर्राष्ट्रीय आनुवंशिक अभियांत्रिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आईसीजीईबी), नई दिल्ली ने भारत सरकार की प्रमुख पहल, बायोई3 नीति की पहली वर्षगांठ के अवसर पर बायोई3@1 का आयोजन किया।

BioE3-policy

प्रमुख बिन्दु:

  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि और स्वच्छ ऊर्जा में नवाचारों को प्रयोगशाला से बाज़ार तक पहुँचाने के तरीकों पर विचार-विमर्श करना था। 
  • इसके लिए अग्रणी राष्ट्रीय शोध संस्थानों और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक मंच पर लाया गया।
  • कार्यक्रम का विषय: "जलवायु अनुकूल कृषि और स्वच्छ ऊर्जा के लिए संस्थान-उद्योग संपर्क"
  • सहयोगी संस्थान:
    • राष्ट्रीय कृषि खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NABI), मोहाली
    • राष्ट्रीय पादप जीनोम शोध संस्थान (NIPGR), नई दिल्ली
    • राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NIAB), हैदराबाद
    • कीटनाशक निर्माण प्रौद्योगिकी संस्थान (IPFT), गुरुग्राम
    • क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (RCB), फरीदाबाद

 बायोई3 नीति

BioE3

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस नीति को 2024 में स्वीकृत किया।
  • यह नीति पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में जैव प्रौद्योगिकी को शामिल करके राष्ट्रीय विकास के लिए परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। 
  • उद्देश्य: भारत की जैव अर्थव्यवस्था को अगले स्तर तक ले जाना।
  • यह नीति नवाचार, स्थिरता और समावेशी विकास को बढ़ावा देती है।
  • यह नीति 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रश्न. बायोई3 नीति की पहली वर्षगांठ का आयोजन किसने किया था?

(a) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)

(b) अंतर्राष्ट्रीय आनुवंशिक अभियांत्रिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (ICGEB)

(c) राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (DBT)

(d) केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग

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