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जापान में भूकंप

प्रारम्भिक परीक्षा – जापान में भूकंप
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 1

संदर्भ

1जनवरी 2024 को मध्य जापान में लगभग 7.6 तीव्रता का भूकंप आया।

earthquake

जापान में आये भूकंप का प्रभाव :-

  • जापान में आये भूकंप का प्रभाव से प्रशांत महासागर में एक मीटर से अधिक (1.2 मीटर) ऊंची सुनामी लहरें उठीं तथा कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, भीषण आग लग गई। 
  • इससे बचने के लिए वहां की जनता को ऊंचे स्थानों पर भागना पड़ा।
  • जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने शुरू में समुद्र में उठी ऊँची लहरों के कारण  "बड़ी सुनामी" की चेतावनी जारी की थी। लेकिन कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई जिससे सुनामी का खतरा "काफी हद तक टल गया" ।

tsunami

जापान में भूकंप आने का कारण :-

  • जापान प्रशांत महासागरीय एवं यूरेशियन प्लेट के मध्य स्थित है, इन प्लेटों के आपस में अभिसरण के कारण यहाँ पर भूकंप के झटके महसूस किये जाते है। 
  • भूकंप की तीव्रता अधिक होने के कारण यहाँ कभी-कभी सुनामी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, उदहारण:- 11 मार्च, 2011 में आई सुनामी। 

जापान में आये भूकंप का भारत पर प्रभाव:- 

  • भारतीय सुनामी प्रारंभिक चेतावनी केंद्र (ITEWC) तथा इसमें शामिल भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (IN-COIS) के अनुसार, जापान के पश्चिमी तट पर शक्तिशाली भूकंप आने से भारत में सुनामी का कोई खतरा नहीं है। 

सुनामी /समुद्री तूफ़ान: - 

  • यह एक जापानी शब्द है जो 'सू' और 'नामी' से मिल कर बना है।सू का अर्थ है समुद्र तट औऱ नामी का अर्थ है लहरें। 
  • भूकंप और ज्वालामुखी से महासागरीय धरातल में अचानक हलचल पैदा होती है और महासागरीय जल का अचानक विस्थापन होता है। परिणामस्वरूप ऊर्ध्वाधर ऊँची तरंगें पैदा होती हैं जिन्हें सुनामी (बंदरगाह लहरें) या भूकंपीय समुद्री लहरें कहा जाता है। 
  • सामान्यतः शुरू में सिर्फ एक ऊर्ध्वाधर तरंग ही पैदा होती है, परंतु कालांतर में जल तरंगों की एक श्रृंखला बन जाती है क्योंकि प्रारंभिक तरंग की ऊँची शिखर और नीची गर्त के बीच जल अपना स्तर बनाए रखने की कोशिश करता है।

Port

  • महासागर में जल तरंग की गति जल की गहराई पर निर्भर करती है। 
  • इसकी गति उथले समुद्र में ज़्यादा और गहरे समुद्र में कम होती है। परिणामस्वरूप महासागरों के अंदरुनी भाग इससे कम प्रभावित होते हैं। 
  • तटीय क्षेत्रों में ये तरंगे ज्यादा प्रभावी होती हैं और व्यापक नुकसान पहुँचाती हैं।

सुनामी की विशेषता :-

  • सूनामी को समुद्र में उठने वाले समुद्री तूफ़ान तथा ज्वार के रूप में भी जाना जाता है।
  • ये लहरें बहुत लम्बी और सैकड़ों किलोमीटर चौड़ी होती हैं।
  • इनकी गति लगभग 420 किलोमीटर प्रति घण्टा और ऊँचाई 10 से 18 मीटर तक होती है। ये लहरे खारे पानी की चलती दीवार के समान प्रतीत होती हैं। 

कारण:-

  • सुनामी लहरों के उत्पन्न होने के कई कारण होते हैं,जिनमें प्राकृतिक कारणों में भूकंप प्रमुख है इसके अतिरिक्त ज्वालामुखी विस्फोट आदि हैं। 
  • समुद्र में उठने वाली लहरों पर चाँद, सूरज एवं ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण का भी प्रभाव होता है, लेकिन सुनामी लहरें इन सामान्य लहरों से अलग होती हैं।

प्रभाव:-

coastal-areas

  • सुनामी का प्रभाव तटीय क्षेत्रों में अत्यधिक देखने को मिलता है जिससे जन-धन एवं पारिस्थितिकी का काफी नुकसान होता है। 

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- हाल ही में 1जनवरी 2024 को किस देश ने वर्ष का पहले भूकंप के झटके को महसूस किया?

(a)  नेपाल

(b)  भूटान  

(c)  जापान 

(d)  फिलीपिंस

उत्तर: (c)

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