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Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

केन्‍द्रीय बजट 2023-24 के मुख्‍य बिन्‍दु (भाग -3)

प्रारंभिक परीक्षा – बजट 2023-24
मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र 3 - सरकारी बजट

अप्रत्यक्ष कर

indirect-tax
tax

  • वस्त्रों और कृषि को छोड़कर बेसिक सीमा शुल्क दरों की संख्या को 21 से घटाकर 13 किया गया।
  • कुछ वस्तुओं की बेसिक सीमा शुल्कों, उपकरों और अधिभारों में मामूली परिवर्तन हुआ है जिसमें खिलौने, साइकिल, ऑटोमोबाइल और नाफ्था शामिल हैं।
  • सम्मिलित कंप्रेस्ड बायो गैस, जिस पर जीएसटी भुगतान किया गया है उस पर उत्पाद शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव।
  • बिजली से संचालित वाहन में लगने वाले लीथियम आयन बैटरी का उत्पादन करने वाले मशीनीरी/कैपिटल गुड्स पर सीमा शुल्क को बढ़ाकर 31.03.2024 तक किया गया।
  • हरित मोबिलिटी को और संवेग प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयुक्त बैटरियों के लिथियम आयन सेलों के विनिर्माण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं और मशीनरी के आयात पर सीमा शुल्क में छूट दी जा रही है।
  • मोबाइल फोनों के विनिर्माण में घरेलू मूल्यवर्धन को और बढ़ाने के लिए, कुछ एक पूर्जों और कैमरा लैंसो जैसे आदानों के आयात पर बेसिक सीमा शुल्क में राहत देने और लिथियम-आयान बैटरी सेलों पर रियायती शुल्क को एक और वर्ष लिए जारी रखना प्रस्तावित।
  • टीवी पैनल के ओपन सेलों के पूर्जों पर बेसिक सीमा शुल्क को घटा कर 2.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
  • इलेक्ट्रिक रसोई घर चिमनियों पर बेसिक सीमा शुल्क को 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
  • इलेक्ट्रिक रसोई घर चिमनियों के हीट क्वायलों पर आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
  • रसायन उद्योग में डिनेचई इथाइल अल्कोहल का उपयोग किया जाता हैं। इस बेसिक सीमा शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव।
  • घरेलू फ्लोरोकेमिकल्स उद्योग में प्रतिस्पर्धा कायम रखने के लिए एसिड ग्रेड फ्लोरसपार पर बेसिक सीमा शुल्क को 5 प्रतिशत से कम कर 2.5 प्रतिशत किया जा रहा है।
  • इपिक्लोरोहाइड्रिन के विनिर्माण में प्रयुक्त कच्चे ग्लिसरिन पर बेसिक सीमा शुल्क को 7.5 प्रतिशत से कम् कर 2.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
  • श्रीम्प फीड के घरेलू विनिर्माण के लिए मुख्य इनपुट पर शुल्क में कमी का प्रस्ताव।
  • प्रयोगशाला निर्मित हीरों (एलजीडी) के विनिर्माण में प्रयुक्त बीजों पर सीमा शुल्क को घटाने का प्रस्ताव।
  • सोने के डोरे और बारों और प्लेटिनम पर सीमा शुल्क को बढ़ाने का प्रस्ताव।
  • चांदी के डोरे, बारों और सामानों पर आयात शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव।
  • सीआरजीओ स्टील के विनिर्माण के लिए कच्ची सामग्री, लौह स्क्रैप और निकेल कैथोड पर बेसिक सीमा शुल्क छूट जारी।
  • कॉपर स्क्रैप पर 2.5 प्रतिशत की रियायती बीसीडी को जारी रखा गया।
  • संमिश्रित रबर पर बेसिक सीमा शुल्क को बढ़ाकर, लेटेक्स को छोड़कर अन्य प्राकृतिक रबर के बराबर, 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत या 30 रुपये प्रति किलोग्राम, जो भी कम हो करने का प्रस्ताव।
  • विनिर्दिष्ट सिगरेटों पर राष्ट्रीय आपदा आकस्मिकता शुल्क (एनसीसीडी) को तीन वर्ष पूर्व संशोधित किया गया था। इसमें लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया।

अप्रत्यक्ष करों के संबंध में संशोधन

  • सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 को आवेदन दायर करने की तारीख से 9 महीने की समयसीमा विनिर्दिष्ट करने के लिए निपटान आयोग द्वारा अंतिम आदेश पारित करने के लिए संशोधन का प्रस्ताव।
  • एंटी डम्पिंग ड्यूटी (एडीडी), काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) और सुरक्षात्मक उपायों से संबंधित प्रावधानों के दायरे और प्रायोजन को स्पष्ट करने के लिए सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव।
  • सीजीएसटी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा
  • जीएसटी के अंतर्गत अभियोजन की शुरूआत करने के लिए कर राशि की न्यूनतम सीमा को 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ किया जाएगा।
  • कम्पाउडिंग कर राशि की वर्तमान 50 से 150 प्रतिशत वर्तमान सीमा को घटाकर 25 से 100 प्रतिशत किया जाएगा।
  • कुछ अपराधों को अपराधीकरण की सीमा से बाहर किया जाएगा।
  • संबंधित रिटर्न विवरण को भरने की निर्धारित तिथि से न्यूनतम तीन वर्षों की अवधि तक रिटर्न विवरणी को भरने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
  • ई-वाणिज्य संचालनों (ईसीओ) के माध्यम से माल की अंतर-राज्य आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए गैर-पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं को मिश्रित करदाताओं को सक्षम बनाया जाएगा।
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