New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

संग्रहित रक्त की शेल्फ लाइफ में वृद्धि

(प्रारंभिक परीक्षा : सामान्य विज्ञान)

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के एक स्वायत्त संस्थान इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजनरेटिव मेडिसिन (DBT-inStem) ने संग्रहित रक्त की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिये एक नई ब्लड बैग तकनीक विकसित की है। 

संग्रहित रक्त की सीमित शेल्फ लाइफ

  • भंडारित रक्त की संग्रहित कोशिकाएँ विभिन्न बाह्य घटकों, जैसे- आयरन, हीमोग्लोबिन, असंतृप्त वसा, डी.एन.ए., न्यूक्लियोसोम और प्रोटीन का उत्पादन करते हैं, जिन्हें क्षति से जुड़े आणविक पैटर्न (Damage-Associated Molecular Pattern: DAMP) के रूप में जाना जाता है, जो भंडारण के दौरान लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) को क्षतिग्रस्त करते हैं।
  • अपर्याप्त रक्तदान के बावजूद भंडारण के दौरान गुणवत्ता में गिरावट के कारण लाखों रक्त इकाइयां नष्ट हो जाती हैं। इस प्रकार, संग्रहित रक्त की एक सीमित शेल्फ लाइफ होती है। 

नैनोफाइबर शीट तकनीक 

  • इस समस्या से निपटने के लिये रक्त भंडारण के दौरान डी.ए.एम.पी. घटकों को पकड़ने और हटाने के लिये एक नई तकनीक ‘नैनोफाइबर शीट’ विकसित की गई है।
  • आर.बी.सी. को क्षतिग्रस्त करने वाले घटक आवेशित अणु होते हैं। इसलिये इन क्षतिकारक घटकों को नष्ट करने के लिये धनायन (Cationic) और ऋणायन (Anionic) पॉलिमर से बनी ‘आवेशित नैनोफाइबर शीट’ का प्रयोग किया गया है, जो आयनिक अंतःक्रियाओं के माध्यम से इन घटकों को नष्ट करने में सहायता करेगी। इस नैनोफाइबर शीट को ब्लड बैग में ही बनाया जा सकता है।

तकनीक का महत्त्व 

  • इस तकनीक द्वारा डी.ए.एम.पी. घटकों को 15 मिनट में नष्ट किया जा सकता है।
  • इस तकनीक से 42 दिनों तक संग्रहित पुराने रक्त की गुणवत्ता ताजा एकत्रित रक्त जितनी अच्छी रहेगी।
  • इस तकनीक द्वारा संग्रहित रक्त की अधिकतम शेल्फ लाइफ में 25% की वृद्धि हुई है।
  • इस तकनीक से संग्रहित रक्त कोशिकाओं को क्षति से बचाकर उसकी गुणवत्ता में वृद्धि की जा सकती है।
  • इस तकनीक द्वारा दुर्लभ रक्त समूहों को संरक्षित किया जा सकता है।
  • इस तकनीक से रक्त आधान दक्षता (Blood Transfusion Efficiency) में वृद्धि होगी।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR