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आईएनएस तेग

  • हाल ही में, ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पलट गया। भारतीय नौसेना ने खोज एवं बचाव अभियान में सहायता के लिए अपने युद्धपोत ‘आईएनएस तेग’ की तैनाती की है। 
  • समुद्री सुरक्षा केंद्र के अनुसार, कोमोरोस देश के ध्वज वाला तेल टैंकर ‘एमवी प्रेस्टीज फाल्कन’ ओमान के प्रमुख औद्योगिक बंदरगाह डुक्म या दुक्म के पास पलट गया था।
  • आईएनएस तेग को समुद्री निगरानी विमान पी-8आई के साथ ओमान के जहाजों एवं कर्मियों के साथ तैनात किया गया है।

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आईएनएस तेग के बारे में 

  • आईएनएस तेग (F45) भारतीय नौसेना के लिए निर्मित तलवार श्रेणी का चौथा फ्रिगेट (युद्धपोत) है।
  • इसे रूस के कैलिनिनग्राड में यंतर शिपयार्ड ने निर्मित किया है। इसे 27 अप्रैल, 2012 को नौसेना में शामिल किया गया।  
  • यह ‘लो रडार क्रॉस सेक्शन’ को सुनिश्चित करने के लिए स्टील्थ तकनीक एवं विशेष डिजाइन का उपयोग करता है।

रडार क्रॉस सेक्शन

  • रडार क्रॉस सेक्शन (RCS) रडार सिस्टम द्वारा किसी वस्तु (लक्ष्य) को डिटेक्ट (पहचान) करने की माप है। यह किसी लक्ष्य (मिसाइल, जहाज, पोत आदि) से टकराने पर रडार ट्रांसमीटर में परावर्तित विद्युत चुंबकीय ऊर्जा की मात्रा को मापता है। उच्च RCS एक मजबूत रडार परावर्तन को इंगित करता है, जिससे वस्तु को अधिक आसानी से पहचाना जा सकता है।
  • निम्न RCS के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है जिन्हें सामूहिक रूप से ‘स्टील्थ तकनीक’ के रूप में जाना जाता है। इन तकनीकों का उद्देश्य रडार तरंगों के परावर्तन को कम करके विमान के रडार सिग्नेचर को कम करना है।

डुक्म बंदरगाह का महत्त्व 

  • भारत को ओमान के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह डुक्म तक अपने जहाज भेजने की अनुमति है। 
  • डुक्म बंदरगाह मस्कट से 550 किमी. दूर स्थित है। यह मुंबई से पश्चिम की ओर एक सीध में स्थित है। 
  • ऐसे में भारत डुक्म बंदरगाह के जरिए अपने माल को आसानी से स्थलीय मार्ग से सऊदी अरब और उससे भी आगे पहुंचा सकता है। 
  • इससे अदन की खाड़ी और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों से भी निपटा जा सकेगा।
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