
इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (International Big Cat Alliance - IBCA)
- उत्पत्ति और पृष्ठभूमि:
- शुरूआत: 2023 में, प्रोजेक्ट टाइगर की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत द्वारा की गई।
- उद्देश्य: बिग कैट्स की सात प्रजातियों और उनके पर्यावासों के संरक्षण हेतु वैश्विक सहयोग को मजबूत करना।
- सात बड़ी बिल्ली प्रजातियां:
- बाघ (Tiger)
- शेर (Lion)
- तेंदुआ (Leopard)
- हिम तेंदुआ (Snow Leopard)
- चीता (Cheetah)
- जगुआर (Jaguar)
- प्यूमा (Puma)
- भारत में केवल पहली पांच प्रजातियां पाई जाती हैं।
- जगुआर और प्यूमा भारत में नहीं पाए जाते हैं।
- मुख्यालय:
- इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस का स्वरूप:
- यह एक बहुराष्ट्रीय एवं बहु-एजेंसी गठबंधन
- सदस्य बनने के लिए पात्र:
- वे 95 देश, जहाँ बिग कैट्स पाई जाती हैं
- वे देश जहाँ बिग कैट्स नहीं हैं, लेकिन संरक्षण में रुचि है
- वैज्ञानिक संस्थान और संरक्षण भागीदार संगठन
- संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश
- अब तक 9 अंतर्राष्ट्रीय संगठन IBCA में शामिल होने पर सहमत हुए हैं।
- वित्तीय समर्थन:
- भारत द्वारा ₹150 करोड़ (2023-24 से 2027-28) तक का बजटीय सहयोग घोषित।
बिंग कैट्स की संरक्षण स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट स्थितिः
- एंडेंजर्ड (वाघ), वल्नरेबल (शेर, चीता, हिम तेंदुआ और तेंदुआ), नियर श्रेटंड (जगुआर) और लीस्ट कंसर्न (प्यूमा)।
- भारत में बिग कैट्स की पांच प्रजातियां बन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 और 4 तथा CITES के परिशिष्ट-1 में सूचीबद्ध हैं।
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