राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड

संदर्भ 

  • देश के बड़े अनौपचारिक कार्यबल के लिए समग्र सामाजिक सुरक्षा पक्का करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असंगठित कामगारों और गिग एवं प्लेटफॉर्म कामगारों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के आधिकारिक गठन को अधिसूचित किया है। 

राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के बारे में 

  • सामाजिक सुरक्षा संहिता के कानूनी फ्रेमवर्क के तहत बनाए गए ये बोर्ड डिजिटल गिग और प्लेटफॉर्म पेशेवरों को उनके कल्याण के लिए बनाए गए आधिकारिक और संगठित ढांचे से जोड़कर एक ऐतिहासिक बदलाव लाएंगे। 
  • इस बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री करेंगे और इसमें केंद्र और राज्य सरकारों, प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, सिविल सामाजिक संगठनों, कामगार संघों और गिग एवं प्लेटफॉर्म संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। 

 महत्वपूर्ण तथ्य 

  • मजदूरी भुगतान अधिनियम (1936), न्यूनतम मजदूरी भुगतान अधिनियम (1948), ईपीएफ अधिनियम, या ईएसआई अधिनियम के तहत कोई पहचान न होने के कारण, गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों को अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्र का हिस्सा माना जाता था। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (एसएस) पहली बार, गिग कामगारों और प्लेटफॉर्म कामगारों को एक औपचारिक पहचान देता है, जिससे वे सामाजिक सुरक्षा और कानूनी सुरक्षा के दायरे में आ जाते हैं। इसके अलावा, पहचान को बढ़ाने के लिए कुछ परिभाषाएं भी शामिल की गई हैं:
  • एग्रीगेटर - एक डिजिटल मध्यवर्ती या मार्केट प्लेस जहां कोई खरीदार या सेवा का उपयोगकर्ता विक्रेता या सेवा प्रदाता से जुड़ सकता है।
  • गिग वर्कर - ऐसा व्यक्ति जो पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंध के बाहर काम करता है या कार्य व्यवस्था में हिस्सा लेता है और ऐसी गतिविधि से आय अर्जित है।
  • प्लेटफॉर्म कर्मचारी/वर्कर - ऐसा व्यक्ति जो प्लेटफॉर्म कार्य में लगा हुआ है या कर रहा है। 
  • प्लेटफॉर्म कार्य - पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंध के बाहर कार्य व्यवस्था जिसमें संगठन या व्यक्ति भुगतान के बदले में, खास समस्या का समाधान करने या खास सेवा या ऐसी कोई दूसरी गतिविधि देने के लिए दूसरे संगठन या व्यक्तियों तक पहुंचने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का प्रयोग करते हैं, जिन्हें केंद्र सरकार अधिसूचित कर सकती है। 
  • बोर्ड को पारंपरिक असंगठित कामगारों के साथ-साथ लाखों गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा की कमी को पूरा करने के लिए लक्षित कल्याण योजनाओं को तैयार करने, निगरानी करने और सुझाव देने का काम सौंपा गया है।   
  • राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की वर्ष में कम से कम तीन बैठकें होंगी और अपनी बैठक में कामकाज के तौर-तरीकों से जुड़े नियमों का पालन करेंगे, जैसा कि केंद्र सरकार ने बताया है।  

राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के कार्य:  

  • असंगठित कामगारों, गिग कामगारों तथा प्लेटफार्म कामगारों के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त योजनाएं तैयार करने हेतु केन्द्र सरकार को सिफारिश करना।
  • इस संहिता के लागू होने से उत्पन्न होने वाले ऐसे मामलों पर केन्द्रीय सरकार को सलाह देना। 
  • असंगठित कामगारों, गिग कामगारों तथा प्लेटफार्म कामगारों के लिए ऐसी सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करना जो केन्द्र सरकार द्वारा प्रशासित की जाती हैं।
  • राज्य स्तर पर निष्पादित अभिलेख रखने के कार्यों की समीक्षा करना।
  • फंड और अकाउंट से खर्च की समीक्षा करना।
  • केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य कार्य करना।
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