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राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर (NSTCC)

संदर्भ 

हाल ही में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर (National Strategic Trade Command Centre - NSTCC) का शुभारंभ किया। यह व्यापार संबंधी खुफिया जानकारी, डेटा विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित शासन के लिए एक एकीकृत केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है।  

राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर (NSTCC) के बारे में 

  • राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर एक केंद्रीकृत, अत्याधुनिक व्यापार खुफिया, विश्लेषण और डेटा विज़ुअलाइजेशन केंद्र है। इसका उद्देश्य व्यापार से जुड़े विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत करके ऐसा परिचालन डैशबोर्ड तैयार करना है, जिसका उपयोग वरिष्ठ नीति-निर्माता और नियामक प्राधिकरण कर सकें।
  • इसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के साथ समन्वय करके विकसित और संचालित किया है।      

उद्देश्य: 

  • इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रशासन को समय-समय पर होने वाली बिखरी हुई रिपोर्टिंग से आगे बढ़ाकर निरंतर, वास्तविक समय की निगरानी और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में ले जाना है। 
  • इसके माध्यम से परिचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और व्यापार संबंधी मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जाएगा।  

राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर के कार्य: 

1. डीजीएफटी की प्रक्रियाओं और नियामकीय गतिविधियों की निगरानी

  • यह केंद्र विदेश व्यापार प्रशासन से जुड़ी प्रमुख प्रक्रियाओं की वास्तविक समय में निगरानी करेगा। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं: 
    • आयातक-निर्यातक कोड (IEC)
    • अग्रिम प्राधिकरण योजना (Advance Authorisation)
    • निर्यात संवर्धन पूंजीगत वस्तु योजना (EPCG)
    • उत्पत्ति प्रमाणपत्र (Certificate of Origin - CoO) 
  • इन प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी को एकीकृत करके उनकी निगरानी और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। 

2. दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के SCOMET लाइसेंस में तेजी 

  • यह केंद्र SCOMET श्रेणी के अंतर्गत आने वाली उच्च प्रौद्योगिकी और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं की निगरानी करेगा। SCOMET का पूरा नाम Special Chemicals, Organisms, Materials, Equipment and Technologies है। इसके तहत ऐसी विशेष रसायन सामग्री, जीवों, उपकरणों और प्रौद्योगिकियों को शामिल किया जाता है, जिनका उपयोग नागरिक और सैन्य, दोनों उद्देश्यों के लिए हो सकता है।
  • यह केंद्र ऐसे लाइसेंस आवेदनों के लंबित मामलों पर नजर रखेगा और विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बेहतर बनाकर उनके निपटारे में तेजी लाने में मदद करेगा।  

3. निर्यात दायित्वों और अनुपालन की निगरानी 

  • यह केंद्र शुल्क छूट वाली योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा निर्यात संबंधी दायित्वों को पूरा किए जाने की निगरानी करेगा। इसके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
    • नियामकीय नियमों का पालन न करने वाले मामलों की पहचान करना।
    • क्षेत्रीय प्राधिकरणों (Regional Authorities - RAs) में आवेदनों के निपटारे में लगने वाले समय का आकलन करना।
    • निर्यात दायित्वों के अनुपालन की निगरानी करना। 

4. विस्तृत व्यापार खुफिया जानकारी और बाजार विश्लेषण 

  • राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर विभिन्न स्तरों पर व्यापार संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण उपलब्ध कराएगा। इसके तहत राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शन का आकलन निम्नलिखित आधारों पर किया जा सकेगा:  
    • उत्पाद श्रेणी और टैरिफ लाइन
    • निर्यात के गंतव्य बाजार
    • मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के उपयोग की दर
    • अलग-अलग व्यावसायिक उद्यमों का व्यापार प्रदर्शन  
  • वस्तुतः इससे नीति-निर्माताओं को व्यापार की स्थिति समझने और बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

5. विभिन्न एजेंसियों के आंकड़ों का एकीकरण 

  • यह केंद्र मौजूदा डिजिटल व्यापार ढांचे के साथ समन्वय स्थापित करेगा। इसमें डीजीएफटी पोर्टल और ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म (Trade Connect ePlatform) जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। 
  • चरणबद्ध व्यवस्था के तहत सीमा शुल्क, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न मंत्रालयों के आंकड़ों को भी इससे जोड़ने की योजना है। इससे व्यापार से संबंधित जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सेंटर के लाभ:  

  • व्यापार संबंधी बाधाओं की पहचान: पूर्वानुमान आधारित डेटा विश्लेषण और स्वचालित अलर्ट के माध्यम से व्यापार में होने वाली गड़बड़ियों तथा गैर-टैरिफ बाधाओं की पहचान की जा सकेगी।
  • समय पर नियामकीय कार्रवाई: वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध होने से संबंधित प्राधिकरण समय रहते आवश्यक कदम उठा सकेंगे।
  • निर्यात के नए बाजारों की पहचान: उभरते बाजारों और निर्यात के नए अवसरों का पता लगाने में मदद मिलेगी। 
  • व्यापार समझौतों का बेहतर उपयोग: मुक्त व्यापार समझौतों के कम उपयोग वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके लाभ बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा सकेंगे।
  • अनुपालन संबंधी बोझ में कमी: व्यापार प्रक्रियाओं की निगरानी और मंजूरियों में तेजी से कारोबारियों पर प्रक्रियागत बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
  • व्यापार वार्ताओं को मजबूती: आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं और नीतिगत निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। 

 सेंटर का महत्व: 

  • राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर भारत की व्यापार प्रशासन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमांड सेंटर का उद्देश्य भारत में व्यापार संबंधी सूचनाओं को एकीकृत करना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निगरानी बेहतर बनाना और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से जुड़े फैसलों को अधिक प्रभावी तथा साक्ष्य-आधारित बनाना है।

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