New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM Republic Day offer UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 28th Jan., 2026 GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM Republic Day offer UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 28th Jan., 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (VDA) सेवाओं के लिए नए दिशा-निर्देश FIU-IND द्वारा जारी

  • वित्तीय आसूचना एकक-भारत (Financial Intelligence Unit – India : FIU-IND) ने आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (Virtual Digital Asset – VDA) से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने वाली रिपोर्टिंग संस्थाओं के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
  • इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य क्रिप्टो परिसंपत्तियों के माध्यम से होने वाले:
    • धन शोधन (Money Laundering)
    • आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Financing)
    • जनसंहार के हथियारों के प्रसार के वित्तपोषण (Proliferation Financing)को रोकना है।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में VDA सेवा प्रदाताओं को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के अंतर्गत लाया गया था।

FIU-IND-Guidelines

FIU-IND क्या है?

  • यह भारत सरकार की एक राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है।
  • यह वित्तीय लेन-देन से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और विश्लेषण करती है।
  • यह AML/CFT ढांचे के क्रियान्वयन की जिम्मेदार संस्था है।

नए दिशा-निर्देशों के प्रमुख प्रावधान

1. प्रधान अधिकारी (Principal Officer – PO) की नियुक्ति

  • प्रत्येक VDA सेवा प्रदाता को एक प्रधान अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य होगा।
  • यह अधिकारी:
    • नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करेगा,
    • संदिग्ध लेन-देन रिपोर्ट (STR) दाखिल करेगा,
    • FIU-IND के साथ समन्वय करेगा।

2. साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण

  • सेवा प्रदाताओं को अब:
    • CERT-In द्वारा सूचीबद्ध लेखा परीक्षक से
    • साइबर सुरक्षा ऑडिट प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
  • इसका उद्देश्य:
    • डेटा चोरी, हैकिंग, साइबर अपराध से सुरक्षा,
    • निवेशकों के हितों की रक्षा करना है।

3. अनहोस्टेड (Self-Custody) वॉलेट लेन-देन की निगरानी

  • अनहोस्टेड वॉलेट वे होते हैं जिनका नियंत्रण सीधे उपयोगकर्ता के पास होता है।
  • ऐसे वॉलेट से जुड़े अंतरणों पर:
    • ग्राहक की पहचान,
    • लेन-देन का उद्देश्य,
    • जोखिम मूल्यांकन
      जैसी जानकारी एकत्र करनी होगी।

यह प्रावधान अवैध गतिविधियों की ट्रेसिंग में सहायक होगा।

4. AML / CFT / CPF अनुपालन

अब VDA सेवा प्रदाताओं को भी अन्य रिपोर्टिंग संस्थाओं (बैंक, NBFC आदि) की तरह:

  • KYC पालन
  • संदिग्ध लेन-देन रिपोर्टिंग
  • रिकॉर्ड रखरखाव
  • जोखिम आधारित निगरानी करना अनिवार्य होगा।

आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (VDA) क्या है?

आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार:

कोई भी डिजिटल रूप से उत्पन्न सूचना, कोड, संख्या या टोकन (भारतीय या विदेशी मुद्रा को छोड़कर) जिसे क्रिप्टोग्राफिक या समान तकनीक से बनाया गया हो और जो:

  • डिजिटल मूल्य का प्रतिनिधित्व करता हो,
  • इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्तांतरणीय (Transferable),
  • संग्रहणीय (Storable) या
  • व्यापार योग्य (Tradable) हो -उसे VDA कहा जाता है।

इसमें शामिल हैं:

  • क्रिप्टोकरेंसी
  • NFTs (Non-Fungible Tokens)
  • अन्य डिजिटल टोकन

NFT क्या है?

  • NFT एक अद्वितीय डिजिटल टोकन होता है।
  • यह डिजिटल आर्ट, म्यूजिक, गेम एसेट या वास्तविक परिसंपत्तियों का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कर प्रावधान (Taxation on VDA)

  • VDA के अंतरण से प्राप्त आय पर:
    • 30% कर,
    • साथ में अधिभार एवं उपकर लगाया जाता है।
  • किसी भी प्रकार की छूट या सेट-ऑफ की अनुमति नहीं है।

महत्व 

सकारात्मक प्रभाव

  • वित्तीय पारदर्शिता में वृद्धि
  • अवैध धन प्रवाह पर नियंत्रण
  • निवेशकों का संरक्षण
  • भारत की वैश्विक AML प्रतिबद्धताओं को मजबूती

चुनौतियाँ

  • छोटे स्टार्टअप्स के लिए अनुपालन लागत बढ़ना
  • तकनीकी निगरानी की जटिलता
  • विकेंद्रीकृत क्रिप्टो सिस्टम में ट्रैकिंग की कठिनाई
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR