New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

ओशन डिग्रेडेबल प्लास्टिक

जापान में RIKEN सेंटर फॉर इमर्जेंट मैटर साइंस के शोधकर्ताओं ने समुद्र में पूरी तरह से विघटित होने वाला प्लास्टिक विकसित किया है जो माइक्रोप्लास्टिक नहीं बनाता है। 

नए प्लास्टिक के बारे में 

  • निर्माण : इस प्रकार के प्लास्टिक का निर्माण पॉलीसैकराइड का उपयोग करके किया गया है जो गुआनिडिनियम मोनोमर्स (Guanidinium monomers) के साथ क्रॉस-लिंक्ड साल्ट ब्रिज बनाते हैं। 
    • नए प्लास्टिक गैर विषैले एवं गैर-ज्वलनशील हैं अर्थात ये CO2 उत्सर्जन नहीं करते हैं और अन्य थर्मोप्लास्टिक्स की तरह 120 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर इन्हें फिर से आकार दिया जा सकता है। 
  • अनुप्रयोग : इस प्लास्टिक का उपयोग 3D प्रिंटिंग के साथ-साथ चिकित्सा या स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न क्षेत्रों  में भी किया जा सकता है।
  • महत्व : यद्यपि वर्तमान में ऐसे अनेक बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक हैं किंतु मौजूदा कोई भी प्लास्टिक पानी में विघटित होकर घुल नहीं सकता है जिससे महासागरों में माइक्रोप्लास्टिक जमा हो जाता है तथा खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करके समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचाता है।
  • नए प्लास्टिक इलेक्ट्रोलाइट्स की मौजूदगी में शुरुआती यौगिकों में टूट जाते हैं जिन्हें समुद्र में रहने वाले बैक्टीरिया द्वारा खाया जाता है।
  • वैज्ञानिक इस प्लास्टिक को नमक के पानी में घोलने के बाद दो मूल निर्माण ब्लॉकों का 91% एवं 82% पुनः प्राप्त करने में सक्षम थे, जिससे स्पष्ट होता है कि इसे रिसाइकल करना आसान है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR