संदर्भ
भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को गति देने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में JOSH (Joint Squad for Health) टीमों का शुभारंभ किया। इस पहल के पहले चरण में 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 55 जिलों में टीमें तैनात की जाएंगी। भविष्य में इसका विस्तार देश के सभी 804 जिलों तक करने की योजना है।
जोश (JOSH) पहल के बारे में
- JOSH एक युवा-नेतृत्व वाली सामुदायिक स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य टीबी उन्मूलन को जनभागीदारी पर आधारित राष्ट्रीय आंदोलन बनाना है।
- इसके तहत युवाओं को गांवों, वार्डों और ब्लॉक स्तर पर लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह पहल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित की जा रही है।
युवा स्वयंसेवकों की भागीदारी:
- इस पहल के तहत 6,347 JOSH टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में माय भारत (MY Bharat) के पांच स्वयंसेवक और राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के पांच कैडेट शामिल होंगे। इन टीमों की निगरानी ब्लॉक या वार्ड स्तर पर नियुक्त प्रथम श्रेणी के अधिकारी करेंगे।
- अभियान में 31,429 MY Bharat स्वयंसेवकों और 26,794 एनसीसी कैडेटों को सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियों से जोड़ा गया है। ये युवा घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूकता फैलाएंगे। साथ ही, लोगों को समय पर जांच कराने और मरीजों को निर्धारित उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
त्वरित जांच और उपचार पर जोर:
- JOSH टीमों के माध्यम से टीबी के संभावित मरीजों की पहचान और समय पर जांच को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत एआई-सहायता प्राप्त चेस्ट के एक्स-रे और त्वरित आणविक जांच जैसी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। मरीजों को पोषण संबंधी परामर्श और उपचार के दौरान सहयोग भी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
- इस पहल का उद्देश्य वंचित समुदायों और टीबी के अधिक जोखिम वाले लोगों तक पहुंच बनाना है, ताकि बीमारी की पहचान में देरी कम हो और संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिले।
डिजिटल तकनीक और एआई का उपयोग:
- JOSH अभियान में निगरानी और जागरूकता के लिए टीबी मुक्त भारत ऐप का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, बहुभाषी एआई सहायक ‘खुशी अवतार’ (ई-संगिनी) लोगों के सवालों के जवाब देने और दवा लेने के लिए रिमाइंडर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। यह सुविधा 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराए जाने की योजना का हिस्सा है।
टीबी उन्मूलन में जनभागीदारी की अहम भूमिका:
- आंकड़ों के अनुसार, भारत में टीबी की घटनाओं में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है और उपचार कवरेज 92 प्रतिशत तक पहुंचा है। वैश्विक स्तर पर ये आंकड़े क्रमशः 12 प्रतिशत और 78 प्रतिशत बताए गए हैं।
- JOSH पहल का लक्ष्य टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करना, मरीजों को नियमित उपचार के लिए प्रोत्साहित करना और समुदायों में जागरूकता बढ़ाना है। वर्ष 2030 के सतत विकास लक्ष्य से पहले टीबी उन्मूलन की दिशा में यह पहल युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने का प्रयास है।