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अमेरिका ने भारतीय IT दिग्गज कंपनियों की ग्रीन कार्ड फाइलिंग पर लगाई रोक: कारण, PERM नियम और भारतीय कामगारों पर प्रभाव

प्रारंभिक परीक्षा: PERM, ग्रीन कार्ड, H-1B वीजा, अमेरिकी श्रम विभाग, रोजगार-आधारित आव्रजन, EB-2 और EB-3 श्रेणियाँ।
मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन पेपर II – भारत-अमेरिका संबंध, भारतीय प्रवासी समुदाय और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन; सामान्य अध्ययन पेपर III – वैश्वीकरण, रोजगार और IT सेवा क्षेत्र।
प्रमुख शब्द: अमेरिकी ग्रीन कार्ड पर रोक, कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, PERM श्रम प्रमाणन, H-1B वीजा, कुशल श्रमिकों का प्रवासन, भारतीय IT पेशेवर और अमेरिकी आव्रजन नीति।

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, HCL और कैपजेमिनी सहित कई प्रमुख प्रौद्योगिकी एवं IT सेवा कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (PERM) से निलंबित करने की घोषणा की है।
  • ट्रंप प्रशासन ने इस कार्रवाई के पीछे कथित धोखाधड़ी, विदेशी श्रमिकों की भर्ती से जुड़ी चिंताओं और अमेरिकी कामगारों के रोजगार प्रभावित होने की आशंका का हवाला दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी को भी इस कार्यक्रम से निलंबन का सामना करना पड़ा है।

ग्रीन कार्ड प्रणाली क्या है?

  • ग्रीन कार्ड विदेशी नागरिकों को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने का अधिकार प्रदान करता है, जो लागू आव्रजन कानूनों और संबंधित शर्तों के अधीन होता है। कई कुशल पेशेवर रोजगार-आधारित आव्रजन के माध्यम से स्थायी निवास प्राप्त करते हैं।
  • रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड की कई श्रेणियों में नियोक्ता को आप्रवासी याचिका (Immigrant Petition) की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले PERM श्रम प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
  • अमेरिका में कुशल विदेशी कामगारों में भारतीय पेशेवरों की बड़ी हिस्सेदारी है। हालांकि, रोजगार-आधारित आव्रजन वीजा की वार्षिक सीमा और देश-विशिष्ट प्रतिबंधों के कारण भारतीय आवेदकों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।

PERM क्या है?

  • PERM का पूरा नाम Program Electronic Review Management है। यह अमेरिकी श्रम विभाग की वह प्रणाली है, जिसके माध्यम से नियोक्ता द्वारा प्रायोजित ग्रीन कार्ड के कई मामलों में श्रम प्रमाणन संबंधी आवेदनों की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
  • इसका प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी विदेशी नागरिक को स्थायी रोजगार देने से समान प्रकार का कार्य करने वाले अमेरिकी कामगारों के वेतन और कार्य परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

इस प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

  1. प्रचलित वेतन का निर्धारण (Prevailing Wage Determination): संबंधित पद के लिए लागू वेतन का निर्धारण कराया जाता है।
  2. भर्ती प्रक्रिया (Recruitment Process): निर्धारित नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित पद के लिए योग्य अमेरिकी कामगार उपलब्ध हैं या नहीं।
  3. श्रम प्रमाणन आवेदन: आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियोक्ता श्रम प्रमाणन के लिए आवेदन प्रस्तुत करता है।
  4. आव्रजन याचिका की प्रक्रिया: श्रम प्रमाणन स्वीकृत होने पर नियोक्ता लागू नियमों और पात्रता शर्तों के अधीन संबंधित रोजगार-आधारित आव्रजन याचिका की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है।

अमेरिका ने प्रमुख IT कंपनियों पर रोक क्यों लगाई है?

  • अमेरिकी कामगारों के हितों की सुरक्षा: ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि नियोक्ताओं को योग्य अमेरिकी कामगारों को प्राथमिकता देनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आव्रजन कार्यक्रमों का दुरुपयोग घरेलू रोजगार की कीमत पर न हो।
  • वेतन प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चिंताएँ: अमेरिकी अधिकारियों ने रोजगार-आधारित आव्रजन कार्यक्रमों के अंतर्गत संभावित वेतन कटौती और कथित रूप से धोखाधड़ीपूर्ण आवेदनों को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, इन आरोपों और प्रत्येक कंपनी की स्थिति का मूल्यांकन संबंधित साक्ष्यों एवं लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
  • आव्रजन नियमों का सख्त प्रवर्तन: यह कार्रवाई आव्रजन नियमों को सख्ती से लागू करने और घरेलू रोजगार की सुरक्षा पर केंद्रित प्रशासनिक नीति को दर्शाती है। बड़ी IT सेवा कंपनियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि उनके व्यावसायिक मॉडल में अंतरराष्ट्रीय भर्ती और कुशल कर्मचारियों को विभिन्न देशों में तैनात करना शामिल होता है।

PERM और H-1B वीजा में अंतर

PERM और H-1B वीजा के उद्देश्य अलग-अलग हैं।

  • PERM: नियोक्ता द्वारा प्रायोजित रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के कई मामलों में आवश्यक श्रम प्रमाणन प्रक्रिया।
  • H-1B वीजा: एक अस्थायी, गैर-आप्रवासी वीजा श्रेणी, जिसके अंतर्गत पात्र अमेरिकी नियोक्ता विशेष योग्यता वाले पेशों (Specialty Occupations) में विदेशी पेशेवरों को नियुक्त कर सकते हैं।

H-1B वीजा मिलने से अपने आप स्थायी निवास का अधिकार नहीं मिलता। इसी प्रकार, PERM आवेदन दाखिल करने पर रोक लगने से किसी कर्मचारी का मौजूदा H-1B दर्जा स्वतः रद्द नहीं होता।

इस घटनाक्रम का महत्त्व

  • अमेरिका के लिए: यह कदम आव्रजन नियमों के प्रवर्तन और घरेलू रोजगार की सुरक्षा पर अमेरिकी सरकार के जोर को दर्शाता है। हालांकि, वेतन और रोजगार सृजन पर इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि नियमों को किस प्रकार लागू किया जाता है और नियोक्ता क्या कदम उठाते हैं।
  • भारत के लिए: इस घटनाक्रम का प्रभाव अमेरिका में कार्यरत भारतीय पेशेवरों और अमेरिकी बाजार में कारोबार करने वाली भारतीय IT कंपनियों पर पड़ सकता है। अमेरिका भारतीय प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग के लिए एक महत्त्वपूर्ण बाजार है।
  • कुशल श्रमिकों के अंतरराष्ट्रीय प्रवासन के लिए: यह घटना दर्शाती है कि आव्रजन नियम अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा के आवागमन और कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने की देशों की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
  • भारत-अमेरिका संबंधों के लिए: कुशल पेशेवरों की आवाजाही पर प्रतिबंधों से सेवाओं के व्यापार और श्रमिक गतिशीलता को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं। हालांकि, व्यापक प्रभाव निलंबन की अवधि और आगे होने वाले नीतिगत बदलावों पर निर्भर करेगा।

आगे की प्रमुख चुनौतियाँ

  • नियामकीय अनिश्चितता: प्रभावित कंपनियों और कर्मचारियों को यह स्पष्ट नहीं हो सकता कि आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया कब दोबारा शुरू होगी।
  • लंबी प्रतीक्षा अवधि: पहले से लंबित ग्रीन कार्ड आवेदनों के कारण भारतीय आवेदकों की परेशानी और बढ़ सकती है।
  • कर्मचारियों को बनाए रखने की चुनौती: आव्रजन संबंधी अनिश्चितता के कारण कुछ पेशेवर दूसरे देशों या वैकल्पिक रोजगार अवसरों की तलाश कर सकते हैं।
  • नियमों के अनुपालन की आवश्यकता: कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, वेतन संबंधी रिकॉर्ड और आव्रजन अनुपालन की निगरानी मजबूत करनी पड़ सकती है।
  • व्यावसायिक लागत में वृद्धि: कुशल कर्मचारियों को बनाए रखने और उन्हें विभिन्न परियोजनाओं में तैनात करने में होने वाली देरी से परिचालन तथा प्रशासनिक खर्च बढ़ सकते हैं।

भारत के लिए प्रासंगिकता

  • यह घटनाक्रम भारत के लिए अपने कुशल पेशेवरों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
  • भारतीय IT कंपनियाँ अपने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विविधता ला सकती हैं, विभिन्न क्षेत्रों में परिचालन का विस्तार कर सकती हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा तथा क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों में निवेश बढ़ा सकती हैं।
  • भारत सरकार स्थापित कूटनीतिक और आर्थिक माध्यमों से अमेरिकी प्रशासन के साथ संवाद कर सकती है, ताकि भारतीय पेशेवरों को प्रभावित करने वाली चिंताओं का समाधान निकाला जा सके।

आगे की राह

  • अमेरिकी सरकार: आव्रजन नियमों के प्रवर्तन को पारदर्शी, साक्ष्य-आधारित और लागू कानूनों के अनुरूप सुनिश्चित करना चाहिए। निलंबन के दायरे और अवधि के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने से नियोक्ताओं और कर्मचारियों को उचित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
  • भारतीय IT कंपनियाँ: आव्रजन नियमों के अनुपालन को मजबूत करें, प्रभावित मामलों की समीक्षा करें और कर्मचारियों को विश्वसनीय कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएँ। कर्मचारियों को रोजगार, यात्रा या वीजा विस्तार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य अमेरिकी आव्रजन वकील से सलाह लेनी चाहिए।
  • भारत सरकार: कुशल पेशेवरों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को बढ़ावा देने के साथ-साथ उच्च-मूल्य वाले घरेलू प्रौद्योगिकी रोजगार के अवसरों में निवेश करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अवसरों में विविधता लाने पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

निष्कर्ष

  • प्रमुख IT कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित किया जाना अमेरिकी आव्रजन नीति में नियमों के अनुपालन और घरेलू रोजगार संबंधी प्राथमिकताओं के बढ़ते महत्त्व को दर्शाता है।
  • भारतीय पेशेवरों के लिए तत्काल चिंता नियोक्ता-प्रायोजित ग्रीन कार्ड आवेदनों में संभावित देरी है। हालांकि, मौजूदा आवेदनों और H-1B वीजा विस्तार पर इसका वास्तविक प्रभाव संबंधित प्रतिबंधों, लागू कानूनी प्रावधानों और प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न

PERM कार्यक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह नियोक्ता द्वारा प्रायोजित ग्रीन कार्ड के कई मामलों में उपयोग की जाने वाली श्रम प्रमाणन प्रक्रिया है।
  2. H-1B वीजा अपने आप स्थायी निवास का अधिकार प्रदान करता है।
  3. श्रम प्रमाणन संबंधी आवश्यकताओं का उद्देश्य संबंधित मामलों में अमेरिकी कामगारों के वेतन और कार्य परिस्थितियों की सुरक्षा करना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

अमेरिका के रोजगार-आधारित आव्रजन नियमों को अधिक सख्त बनाए जाने के भारतीय IT पेशेवरों और भारत के प्रौद्योगिकी उद्योग पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

FAQs

प्रश्न 1. PERM क्या है?

PERM अमेरिकी श्रम विभाग की एक श्रम प्रमाणन प्रक्रिया है, जिसका उपयोग नियोक्ता द्वारा प्रायोजित रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के कई मामलों में किया जाता है।

प्रश्न 2. किन कंपनियों को कथित रूप से निलंबित किया गया है?

रिपोर्टों में कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, TCS, विप्रो, HCL और कैपजेमिनी का नाम शामिल है। 

प्रश्न 3. क्या इस निलंबन का अर्थ है कि भारतीय कर्मचारियों को अमेरिका छोड़ना होगा?

नहीं। केवल PERM कार्यक्रम से निलंबित किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि कर्मचारियों के मौजूदा वीजा स्वतः रद्द हो जाएँगे या सभी प्रभावित कर्मचारियों को अमेरिका छोड़ना पड़ेगा।

प्रश्न 4. भारतीय कामगार इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित क्यों हैं?

कई भारतीय पेशेवर नियोक्ता द्वारा प्रायोजित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर निर्भर हैं। 

प्रश्न 5. क्या प्रभावित कर्मचारी अपने H-1B वीजा की अवधि बढ़वा सकते हैं?

कुछ कर्मचारी विशिष्ट कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत H-1B की अवधि बढ़ाने के पात्र हो सकते हैं। 

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