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कोलोराडो नदी बेसिन में जल की कमी

(प्रारंभिक परीक्षा- पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे, अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, समान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन)

संदर्भ 

हाल ही में, पहली बार अमेरिका की संघीय सरकार ने ऐतिहासिक सूखे के कारण कोलोराडो नदी बेसिन में पानी की कमी की घोषणा की है।

भूमि-सुधार ब्यूरो की संस्तुति 

  • ‘ब्यूरो ऑफ रिक्लेमेशन’ (भूमि-सुधार ब्यूरो) के अगस्त 2021 के अनुमानों के अनुसार, ऐतिहासिक सूखे के कारण ‘लेक मीड’ और ‘लेक पॉवेल’ नामक जलाशयों से पूरी क्षमता से पानी न छोड़े जाने के कारण पूरा कोलोराडो नदी बेसिन प्रभावित होगा। इसके परिणामस्वरूप दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी मैक्सिको के कुछ हिस्सों के निवासी प्रभावित होंगे। विदित है कि ब्यूरो ऑफ रिक्लेमेशन जल और विद्युत् वितरण का प्रबंधन करता है। 
  • उटाह/यूटा, ओरेगन, कैलिफोर्निया, कोलोराडो, इडाहो, मोंटाना, नेवादा, न्यू मैक्सिको, उत्तरी डकोटा और वाशिंगटन सहित दस पश्चिम अमेरिकी राज्यों ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इन राज्यों में ‘संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी’ (फेमा) के माध्यम से सूखा आपदा घोषित करने का अनुरोध किया था। इससे इन राज्यों के हजारों किसानों को सहायता प्राप्त होगी।
  • राज्यों के अनुसार, तापमान में अत्यधिक वृद्धि से ऐतिहासिक सूखे की स्थिति और गंभीर हो गई है, जिसका प्रभाव किसानों, उद्योगों, स्थानीय समुदायों तथा अर्थव्यवस्था द्वारा महसूस किया जा रहा है।

प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य 

  • इससे अक्तूबर 2021 से कुछ दक्षिण-पश्चिमी राज्यों को पानी की कटौती का सामना करना पड़ेगा। इससे मुख्यत: एरिज़ोना, नेवादा और मैक्सिको के निवासी प्रभावित होंगे। एरिज़ोना को वार्षिक जल विभाजन में 18 प्रतिशत की कटौती और नेवादा व मैक्सिको को क्रमशः 7 व 5 प्रतिशत की कटौती का सामना करना पड़ेगा।
  • कुल मिलाकर, कैलिफोर्निया, न्यू मैक्सिको, उटाह, कोलोराडो और वायोमिंग के 40 मिलियन से अधिक निवासी जल की कमी से प्रभावित होंगे क्योंकि इस नदी प्रणाली का उपयोग सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत के लिये किया जाता है।

कोलोराडो नदी का प्रवाह

  • कोलोराडो नदी रॉकी पर्वत से दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका और मैक्सिको में बहती है। यह नदी रॉकी और वाशेच पहाड़ों में हिमपात (Snowmelt) से पोषित होती है और सात राज्यों व मैक्सिको से होते हुए 2,250 किमी. से अधिक की दूरी तय करती है।
  • कोलोराडो नदी बेसिन ऊपरी (वायोमिंग, कोलोराडो, न्यू मैक्सिको, उटाह और उत्तरी एरिज़ोना) और निचले बेसिन (नेवादा, एरिज़ोना, कैलिफ़ोर्निया, दक्षिण-पश्चिमी उटाह और पश्चिमी न्यू मैक्सिको के कुछ हिस्से) में विभाजित है।
  • निचले बेसिन में निर्मित हूवर बाँध बाढ़, जल वितरण और भंडारण को नियंत्रित करता है। इसके अलावा डेविस बाँध, पार्कर बाँध और इंपीरियल बाँध भी निर्मित है जो हूवर बाँध से छोड़े जाने वाले जल को नियंत्रित करता है।

colorado-river-basin

संघीय सरकार द्वारा पहली बार पानी की कमी की घोषणा का कारण

  • वर्ष 2000 से कोलोराडो नदी बेसिन दीर्घकालिक सूखे का सामना कर रहा है। ‘कोलोराडो रिवर डिस्ट्रिक्ट’ के अनुसार वर्ष 2008, 2010 और 2014 को छोड़कर लगभग शेष वर्ष ज्यादातर शुष्क ही रहे हैं। लगातार सूखे और इन वर्षों में जल की बढ़ती माँग ने इस बेसिन के जलाशयों में पानी के स्तर को कम कर दिया है।
  • पानी की इस कमी के केंद्र में दो जलाशय प्रमुख हैं। इसमें लेक मीड प्रथम है, जो नेवादा राज्य में स्थित है। लेक मीड परिमाण के मामले में अमेरिका का सबसे बड़ा जलाशय है और 1930 के दशक में हूवर बाँध द्वारा निर्मित किया गया था। लेक मीड के पानी का मुख्य स्रोत रॉकी पर्वत से पिघलने वाली बर्फ है।
  • दूसरा जलाशय ‘लेक पॉवेल’ है, जो एरिज़ोना में ग्लेन कैन्यन बाँध द्वारा निर्मित जलाशय है। 20 मिलियन से अधिक लोग अपने जीवन के लिये इस झील पर निर्भर हैं। पिछले दो दशकों से लगातार सूखे की वजह से इन दोनों जलाशयों का जल स्तर कम हो रहा है।
  • पिछले कुछ वर्षों में इस बेसिन से पानी की माँग में वृद्धि हुई है, जबकि आपूर्ति में कमी आई है। साथ ही, इस वर्ष इस नदी प्रणाली का ऊपरी बेसिन अत्यधिक शुष्क रहा है। उच्च तापमान के कारण अत्यधिक शुष्क मृदा अधिकांश जल (अपवाह) को सोख लेती है।
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