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 पीएम के स्वतंत्रता दिवस भाषण का स्थल लाल किला ही क्यों?

प्रारंभिक परीक्षा - दिल्ली सल्तनत, बाबर, शाहजहाँ, 1857 की क्रांति, दिल्ली दरबार
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन पेपर-1

संदर्भ-

प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को भारत के प्रधान मंत्री दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से तिरंगा फहरा कर राष्ट्र को संबोधित करते हैं। ये परम्परा स्वतंत्रता से लेकर वर्तमान तक जारी है। इस सम्मान के लिए लाल किले को ही क्यों चुना गया?

एक संक्षिप्त इतिहास-

  • आजादी के बाद से ही लाल किला भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक अभिन्न अंग बन गया है। ऐतिहासिक परिदृश्य में देखेंगे कि कैसे दिल्ली का लाल किला की स्वतंत्रता की उद्घोषणा का प्रतीक बना।
  • दिल्ली सल्तनत (1206-1526) के तहत ‘दिल्ली’ एक प्रमुख राजधानी बन गई, जहाँ से उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से पर शासन किया जाता था।
  • मुगल वंश के संस्थापक बाबर (1483-1530) 16वीं शताब्दी में दिल्ली को 'संपूर्ण हिंदुस्तान की राजधानी' के रूप में संदर्भित करने वाला पहला व्यक्ति था।
  • यद्यपि अकबर (1542-1605) के अधीन मुगलों ने कुछ समय के लिए अपनी राजधानी आगरा स्थानांतरित कर दी, फिर भी उन्हें दिल्ली के शासकों के ही रूप में देखा जाता रहा।
  • शाहजहाँ (1592-1666) के अधीन, 1648 में शाहजहाँनाबाद(पुरानी दिल्ली) की स्थापना के साथ दिल्ली एक बार फिर मुग़लों की राजधानी बन गई।
  • मुगल शाहजहानाबाद के किलेबंद गढ़, जो ‘लाल किले’ के नाम से मशहूर हुआ। मुगल शासकों ने यहाँ से 1857 तक शासन करना जारी रखा।

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  • 1857 के विद्रोह के बाद, विद्रोही तुरंत दिल्ली के लाल किले चले गए और वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर (1775-1862) को अपना राजा घोषित कर दिया।
  • उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए दिल्ली का महत्व बहुत कम था और यहाँ बहुत कम यूरोपीय लोग रहते थे। लेकिन विद्रोहियों के लिए, यह अभी भी स्वदेशी अधिकार का सबसे मजबूत प्रतीक था।

लाल किले पर ब्रिटिश साम्राज्यवादी अधिकार-  

  • विद्रोहियों से दिल्ली पर कब्जा करने के बाद, अंग्रेजों ने शुरू में पूरे शहर (शाहजहानाबाद) को तहस-नहस करने की योजना बनाई।
  • अंग्रेजों ने बहुमूल्य कलाकृतियाँ और शाही खजाना (1857 में जो बचा था) लूट लिया गया, और इसकी कई आंतरिक संरचनाओं को ब्रिटिश संरचनाओं द्वारा प्रतिस्थापित करने के लिए ध्वस्त कर दिया गया।(अनुमान के अनुसार  लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा नष्ट कर दिया गया था)
  • 1857 के बाद के वर्षों में, अंग्रेजों ने व्यवस्थित रूप से दिल्ली को एक छोटे प्रांतीय शहर में बदल दिया।
  • दिल्ली दरबार (1877, 1903, 1911) के भव्य समारोहों ने ब्रिटिश सम्राट को भारत के सम्राट के रूप में घोषित किया।
  • अंग्रेजों ने 1911 में अपनी राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
  • आज हम जिस लाल किले को देखते हैं, उस पर ब्रिटिश शाही सत्ता की निर्विवाद मुहर लगी हुई है, साथ ही यह मुगल साम्राज्य की भव्यता के अवशेष के रूप में भी खड़ा है।

भारत एवं लाल किले की पुनः प्राप्ति-

  • लाल किला आज़ादी से पहले के वर्षों में भारतीय चेतना की अग्रणी पंक्ति में लौट आया।
  • 1857 की क्रांति को भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है। इसके बाद के आजादी के संघर्ष में- 1885 में कांग्रेस अस्तित्व में आई, गांधी जी की भारत वापसी और कांग्रेस से जुड़ना, जलियांवाला बाग नरसंहार, असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन आदि के प्रभाव से ब्रिटिश साम्राज्य कमजोर पड़ गया। 
  • एक तरफ गांधी जी की अगुवाई में अहिंसक आंदोलन चलाए जा रहे थे तो दूसरी तरफ भारत के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत की नाक में दम कर दिया था।
  • इसी क्रम में सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में उनकी सेना INA बर्मा सीमा से भारत की ओर बढ़ी थी। इसमें उनका साथ जापानी सेना और नागरिक स्वयंसेवकों ने दिया था। दिसंबर, 1943 तक अंडमान के द्वीपों पर आईएनए का कब्जा भी हो गया था। आईएनए और जापानी सेना ने मिलकर अंग्रेजों को भगा दिया था। इसी बीच सुभाष चंद्र बोस की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
  • 1945 और 1946 के बीच आईएनए के वरिष्ठ अधिकारियों पर राजद्रोह का मुकदमा लाल किले में चलाया गया।
  • इस मुकदमें से देशवासियों में आईएनए के प्रति सहानुभूति की लहर दौड़ गई। अंग्रेजों की इस कार्रवाई ने लाल किले को भारतीय जनता के मन में शक्ति और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में एक बार फिर से स्थापित कर दिया।
  • शायद इन्हीं वजहों से नेहरू ने 1947 में लाल किले पर झंडा फहराने का फैसला किया।
  • इतिहासकार स्वप्ना लिडल ने 2021 में लिखा था- “स्वतंत्रता के आगमन के साथ, यह आवश्यक था कि लाल किले का स्थान, जिस पर ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार ने अपनी शक्ति और ताकत अंकित करने की कोशिश की थी, प्रतीकात्मक रूप से भारतीय लोगों के लिए पुनः प्राप्त किया जाए।”
  • प्रत्येक वर्ष, हमारे स्वतंत्रता दिवस समारोह इस पुनरुद्धार पर जोर देते हैं।
  • इसी कड़ी में भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले से तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया।

प्रश्न:- निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. अंग्रेजों ने 1911 में अपनी राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
  2. शाहजहाँ दिल्ली को 'संपूर्ण हिंदुस्तान की राजधानी' के रूप में संदर्भित करने वाला पहला व्यक्ति था।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- 

कूट-

(a) केवल 1                         

(b) केवल 2                              

(c) 1 और 2 दोनों               

(d) न 1 और ना ही 2   

उत्तर-   (a)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-  लाल किला ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। टिप्पणी कीजिए।

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