हाल ही में, एक संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि भारतीय रेलवे को समय-समय पर यात्रियों की संतुष्टि का मूल्यांकन करना चाहिए। साथ ही, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जिन स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है, उनके प्रभाव का पुनर्विकास के बाद समुचित आकलन भी किया जाना आवश्यक है।
अमृत भारत स्टेशन योजना
- अमृत भारत स्टेशन योजना वर्ष 2022 में शुरू की गई एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य भारतीय रेलवे नेटवर्क के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन करना है।
- इस योजना के अंतर्गत स्टेशनों के विकास को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाता है। प्रत्येक स्टेशन के लिए उसकी आवश्यकता एवं संभावित यात्री मांग को ध्यान में रखते हुए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाता है और उसी के अनुसार चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जाते हैं।
- इस योजना की व्यापक अवधारणा में मल्टीमोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना, यात्रियों के लिए स्टेशनों की पहुँच को सरल बनाना तथा समग्र स्टेशन अवसंरचना को बेहतर बनाना शामिल है।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को अधिक स्वच्छ, सुविधाजनक एवं यात्री-अनुकूल बनाना है।
प्रमुख विशेषताएँ
- इस योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर प्रवेश एवं निकास द्वारों का सुधार, प्रतीक्षालय, शौचालय, प्लेटफॉर्म व प्लेटफॉर्म शेड जैसी मूलभूत सुविधाओं को उन्नत किया जाता है।
- इसके अतिरिक्त यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार लिफ्ट, एस्केलेटर एवं निःशुल्क वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
- स्टेशनों पर सुधारित संकेतक (साइन बोर्ड) और सूचना प्रणाली स्थापित की जाती है ताकि यात्रियों को मार्गदर्शन आसानी से मिल सके। कुछ प्रमुख स्टेशनों पर एक्जीक्यूटिव लाउंज व व्यावसायिक बैठकों के लिए विशेष स्थान भी विकसित किए जाने की योजना है।
- इस योजना के तहत स्टेशनों पर वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट (One Station One Product) पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए कियोस्क स्थापित किए जाएंगे।
- इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों को अधिक हरित, आकर्षक एवं सौंदर्यपूर्ण बनाने के लिए भी विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके और स्थानीय पहचान को भी बढ़ावा मिले।