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येन कैरी ट्रेड

प्रारंभिक परीक्षा 

राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की घटनाएँ, आर्थिक एवं सामाजिक विकास

मुख्य परीक्षा

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव

संदर्भ 

वर्तमान में वैश्विक बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। इस गिरावट का एक मुख्य कारण येन कैरी ट्रेड (Yen Carry Trade) का बंद होना भी है। इसके अन्य कारकों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आर्थिक मंदी की संभावना तथा पश्चिम एशिया में बढ़ती उथल-पुथल के कारण भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि आदि शामिल हैं। 

क्या है कैरी ट्रेड

  • प्राय: वैश्विक निवेशक ऐसे देश से पैसे उधार लेते हैं जहाँ ब्याज दरें कम हों और उस पैसे को (मुद्रा विनिमय के बाद) ऐसे देश में निवेश करते हैं जहाँ ब्याज दरें बहुत अधिक हों। इसे कैरी ट्रेड कहा जाता है।
  • विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा उनकी विशिष्ट आर्थिक स्थितियों के अनुकूल ब्याज दरों को निर्धारित करने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।

जापान के येन कैरी ट्रेड का प्रभाव 

  • जापान के केंद्रीय बैंक (बैंक ऑफ़ जापान) ने वर्ष 2011 से 2016 के बीच ब्याज दरों को 0% पर रखा था जिसे वर्ष 2016 में शून्य (-0.10%) से भी कम कर दिया गया।
    •  कम ब्याज दरों के पीछे का विचार आर्थिक गतिविधि को प्रोत्साहित करना है।
  • तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के कारण जापान की सस्ती मौद्रिक नीति के वैश्विक प्रभाव होते हैं। 
  • ऐसी कम ब्याज दरें निवेशकों को येन में सस्ते में उधार लेने और बेहतर रिटर्न पाने के लिए अन्य देशों (जैसे- ब्राजील, मैक्सिको, भारत और यहां तक ​​कि अमेरिका) में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इसे येन कैरी ट्रेड कहा जाता है।
  • बैंक ऑफ जापान द्वारा लंबे समय तक ब्याज दरें कम रखने के कारण अरबों डॉलर के ‘येन’ कैरी ट्रेड को प्रोत्साहन मिला जिसने दुनिया भर के कई देशों में निवेश को बढ़ावा दिया।
    • यहाँ तक ​​कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरें तेजी से बढ़ा दीं तब भी बैंक ने अपनी दरें अपरिवर्तित रखीं। 

जापानी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में परिवर्तन 

  • इस वर्ष मार्च एवं जुलाई के मध्य जापान के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में 35 आधार अंकों की वृद्धि की जिससे ब्याज दर -0.1% से बढ़कर 0.25% हो गई। 
    • यद्यपि भारतीय परिप्रेक्ष्य (जहां ब्याज दरें 6.5% से ऊपर हैं) में यह बहुत बड़ी वृद्धि नहीं है लेकिन जापान के संदर्भ में यह मौद्रिक भूकंप के समान था। 
    • यह भी संभावना व्यक्त की गई की जापानी केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरों में और वृद्धि कर सकता है।
    • इसने उन निवेशकों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया जिन्होंने येन में उधार लिया था और ब्राजीलियाई रियल या मैक्सिकन पेसो या भारतीय रुपए में निवेश किया था। 

प्रभाव 

  • जापान में ब्याज दरों में वृद्धि के कारण डॉलर और अधिकांश अन्य उभरती अर्थव्यवस्था वाली मुद्राओं के मुकाबले ‘येन’ मजबूत हुआ है। 
    • पिछले सप्ताह येन की विनिमय दर डॉलर, रियल, रुपया, पेसो आदि मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुई है। 
  • ऐसे में इन मुद्राओं में रखी गई संपत्तियां येन में वापस परिवर्तित होने पर अपेक्षाकृत कम मूल्य की थीं। 
  • रिटर्न अंतर में कमी और इस दिशा में और वृद्धि की संभावना ने गिरावट को बढ़ावा दिया और निवेशकों को उन परिसंपत्तियों को बेचने के लिए प्रेरित किया जो सस्ते येन का उपयोग करके खरीदी गई थीं।
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