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IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

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1. लागत-जनित मुद्रास्फीति (Cost-Push Inflation)

24-Sep-2024

जब वस्तुओं एवं सेवाओं की उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण उनकी कीमतों में वृद्धि होती है तो उसे लागत-जनित मुद्रास्फीति कहते हैं। यदि कच्चे माल अथवा अन्य किसी प्रकार के उत्पादन की लागत में बढ़ोतरी हो जाए तो अंतिम उत्पादित वस्तु या सेवा का मूल्य स्वतः ही बढ़ जाता है।

2. व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of lapse)

23-Sep-2024

यह भारत में ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा अपनाई गई एक विलय नीति थी। इस नीति के तहत किसी भी शासक के नि:संतान होने पर उसे अपने उत्तराधिकारी को गोद लेने का अधिकार नहीं था। शासक की मृत्यु होने के बाद या सत्ता का त्याग करने पर उस क्षेत्र को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता था।

3. कैरी ट्रेड (Carry Trade)

21-Sep-2024

विभिन्न देशों की ब्याज दरों के बीच अंतर के कारण वैश्विक निवेशक ऐसे देश से ऋण लेते हैं, जहाँ ब्याज दरें कम हों और उसे (मुद्रा बदलने के बाद) ऐसे देश में निवेश करते हैं जहाँ ब्याज दरें बहुत अधिक हों। इस प्रकार निवेशकों द्वारा ब्याज अन्तराल का लाभ उठाना कैरी ट्रेड कहलाता है।

4. कियोस्क बैंकिंग (Kiosk Banking)

20-Sep-2024

वित्तीय समावेशन के संदर्भ में, कियोस्क बैंकिंग एक महत्त्वपूर्ण अवधारणा है। इसका विकास मूल रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है, जहाँ बैंकों की संख्या कम होने की वजह से लोगों की बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच नहीं है। वस्तुतः यह एक प्रकार का बूथ, स्टैंड, स्टॉल या काउंटर होता है जहाँ बैंकिंग सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।

5. ऑपरेशन ट्विस्ट (Operation Twist)

19-Sep-2024

यह एक प्रकार का मौद्रिक नीति उपकरण है। अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इसे चलाया जाता है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक ब्याज दरों को कम कर दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देना है।

6. टीज़र लोन (Teaser Loan)

18-Sep-2024

इसे 'टेरस ऋण या लोक लुभावन ऋण' भी कहा जाता है। इसमें ब्याज की दरें समायोजित होती हैं, अर्थात् शुरुआती ब्याज दरें कम, जबकि कुछ वर्षों बाद ब्याज दर में वृद्धि हो जाती है। यही वजह है कि टीजर लोन फिक्स्ड और फ्लोटिंग दर का मिश्रण होते हैं, अर्थात् प्रारंभ में ब्याज दर निश्चित होती है परंतु बाद में परिवर्तित हो सकती है।

7. फिनटेक कंपनी (Fintech Company)

17-Sep-2024

यह Financial तथा Technology का संक्षिप्त रूप (Fin-Tech) है। इस प्रकार वित्तीय कार्यों में तकनीक के प्रयोग को 'फिनटेक' कहते हैं। फिनटेक संबंधी कार्य करने वाली कंपनी को फिनटेक कंपनी कहा जाता है। अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने में फिनटेक कंपनियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। Paytm फिनटेक कंपनी का एक उदाहरण है।

8. तत्काल भुगतान सेवा (Immediate Payment Service - IMPS)

16-Sep-2024

यह एक ऐसी भुगतान प्रणाली है, जिसके तहत तत्काल पैसे को एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जा सकता है। यह प्रणाली आर.टी.जी.एस. और एन.ई.एफ.टी. से ज़्यादा तीव्र है। इस प्रणाली का विकास नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने किया है।

9. स्पेशल मेंशन एकाउंट (Special Mention Account)

14-Sep-2024

यह खाते पुनर्भुगतान में अनियमितताओं के कारण वित्तीय तनाव के शुरुआती संकेत देते हैं। इन खातों की आगे की गिरावट को रोकने के लिए ऋणदाताओं द्वारा बारीकी से निगरानी की आवश्यकता होती है। प्रारंभिक हस्तक्षेप की सुविधा के लिए इन्हें RBI द्वारा वर्गीकृत किया गया है।  SMA 0 (1-30 दिनों से बकाया भुगतान) SMA 1 (31-60 दिनों से बकाया भुगतान) और SMA 2 (61-90 दिनों से बकाया भुगतान)

10. ऋण जमा अनुपात (Loan Deposit Ratio)

13-Sep-2024

किसी बैंक द्वारा ऋण के रूप में वितरित की गई धनराशि और जमा की गई धनराशि के अनुपात को ऋण जमा अनुपात कहते हैं। यद्यपि भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा इसकी कोई निश्चित सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इस अनुपात से बैंकों की क्षमताओं का सरलता से पता लगाया जा सकता है।

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