गूगल का भाषा मॉडल

  • 18th November, 2022

(सामान्य अध्ययन, मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र-3 : सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-तकनीक)

संदर्भ

वर्तमान में बड़ी तकनीकी कंपनियां कृत्रिम बुद्धिमता (AI) आधारित भाषा मॉडल विकसित करने और उसे लागू करने के लिये प्रतिस्पर्धारत हैं। गूगल भी एक ऐसा मॉडल विकसित कर रहा है जो दुनिया की 1,000 सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं का समर्थन कर सकता है। 

प्रमुख बिंदु 

  • इस परियोजना की क्षमता जांच के लिये गूगल एआई भाषा मॉडल पर भी कार्य कर रहा है, जो लगभग 400 भाषाओं का समर्थन करने में सक्षम है।
  • वर्तमान में यह परियोजना विकास के चरण में है और शोधकर्ता इस मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिये भाषाई डाटा एकत्र कर रहे हैं। विदित है कि गूगल पहले से ही विभिन्न भाषाओं में खोज सुविधाएँ एवं जानकारियाँ उपलब्ध करा रहा है।
  • गूगल ने पहले से ही व्यवसाय या अनुसंधान में सहायता के लिये कई अन्य एआई भाषा मॉडल लागू किये हैं।

गूगल के नए भाषा मॉडल का उद्देश्य 

  • गूगल उपयोगकर्ताओं को बेहतर खोज, अधिक सटीक ऑटो-जेनरेट किये गए कैप्शन, ऑनलाइन स्वाभाविक अनुवाद और तेज़ गणनाओं में सक्षम बनाना
  • विविध उपयोग के मामलों के लिये एआई भाषा मॉडल को समग्र रूप से बेहतर बनाना
  • 1,000 भाषाओं के लिये एक विशाल मॉडल बनाना
    • इससे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली भाषाओं के साथ-साथ दुर्लभ भाषाएं भी सह-अस्तित्व और परस्पर क्रिया करते हुए एक साथ विकसित हो सकेंगी।

एआई भाषा मॉडल के उपयोग 

  • एआई भाषा मॉडल के माध्यम से कंपनियों का लक्ष्य प्रक्रियाओं को स्वचालित करना, मौजूदा डाटा के आधार पर नई अंतर्दृष्टि उत्पन्न करना तथा अनुवाद, ग्राहक सेवा या संगणना जैसे क्षेत्रों में मानव श्रम पर निर्भरता कम करना है।
  • वर्तमान में विभिन्न वेबसाइट चैटबॉट के माध्यम से 24x7 सहायता सुविधा प्रदान करती हैं जहाँ गूगल अनुवाद जैसी सेवाएं तुरंत विदेशी भाषाओं को डिकोड करती हैं।
  • एआई-आधारित आर्ट जनरेटर डिजिटल पेंटिंग बनाने और निवेशकों के लिये मूल्य भविष्यवाणी में मदद करती हैं। डीप लर्निंग प्रक्रिया के बिना ये सेवाएँ असंभव हैं। वर्तमान में एआई-आधारित मॉडल इसी प्रक्रिया से गुजर रही हैं। 
  • ऐसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां, जिनके सर्वर पर अधिक मात्रा में उपयोगकर्ता डाटा और सामग्री उपलब्ध है, ऐसे मॉडलों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से इन संसाधनों का उपयोग करने के लिये सटीक स्थिति में हैं।

अन्य भाषा मॉडल

  • एआई रिसर्च फर्म ‘ओपनएआई’ ने ‘डेविंसी, क्यूरी, बैबेज और एडा’ नामक मॉडल के जीपीटी-3 (जनरेटिव प्री-ट्रेन्ड ट्रांसफॉर्मर 3) सेट का निर्माण किया जो विभिन्न प्रकार के कार्य कर सकते हैं।
  • वर्तमान में मेटा एआई-आधारित भाषा अनुवाद की दिशा में कार्यरत है। फेसबुक एआई के अनुसार, एमटूएम-100 (M2M) मॉडल ऐसा पहला बहुभाषी अनुवाद मॉडल है जो अनुवाद करते समय डिफ़ॉल्ट भाषा के रूप में अंग्रेजी का उपयोग नहीं करता है।
    • फेसबुक (मेटा) कंपनी न केवल मूलपाठ (Text) पर ध्यान केंद्रित कर रही है बल्कि होक्किएन (Hokkien) जैसी मौखिक भाषाओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
  • गूगल उन भाषाओं के लिये भी डाटा एकत्र करना चाहता है जो व्यापक रूप से बोली तो जाती हैं किंतु उनकी ऑनलाइन माध्यमों पर उपस्थिति कम हैं।
CONNECT WITH US!

X