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सेवा गतिविधि 12 साल के उच्चतम स्तर पर

प्रारम्भिक परीक्षा: पीएमआई
मुख्य परीक्षा,  सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र:3 - भारतीय अर्थव्यवस्था 

संदर्भ

  • नए आकड़ों के अनुसार, भारत में सेवा क्षेत्र के लिए क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) फरवरी में बढ़कर 55.3 हो गया है।

महत्त्वपूर्ण बिन्दु

  • यह आंकड़ा 12 वर्षों में सेवा क्षेत्र में PMI के उच्चतम स्तर को चिह्नित करता है, जो नए व्यापार आदेशों और रोजगार में वृद्धि की ओर संकेत करता है।

क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI)

  • PMI का उद्देश्य कंपनी के निर्णयकर्त्ताओ, विश्लेषकों और निवेशकों को वर्तमान एवं भविष्य की व्यावसायिक स्थितियों के बारे में जानकारी प्रदान करना है
  • यह संकेतक यह पहचानने में सहायता करता है कि क्या बाजार की स्थिति, जैसा कि प्रबंधकों को खरीदने से देखा जाता है, वह बढ़ रही है, घट रही है या स्थिर है। 
  • इसमें  विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों की गणना अलग-अलग की  जाती है,परिणामस्वरूप एक समग्र सूचकांक तैयार किया जाता  है।
  • PMI को 0 से 100 तक के सूचकांक पर मापा जाता है।

PMI कैसे निकाला जाता है?

  • यह एक सर्वेक्षण-आधारित प्रणाली है। PMI गुणात्मक प्रश्नों (qualitative questions) की एक श्रृंखला से प्राप्त होता है।
  • क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) के दौरान विभिन्न संगठनों से कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें आउटपुट, नए ऑर्डर, व्यावसायिक अपेक्षाएँ और रोज़गार जैसे महत्त्वपूर्ण संकेतक शामिल होते हैं, साथ ही सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लोगों से इन संकेतकों को रेट करने के लिये भी कहा जाता है।

PMI को READ करना

  • 50 से ऊपर का आंकड़ा व्यावसायिक गतिविधि में विस्तार को दर्शाता है और 50 से नीचे संकुचन को दर्शाता है।
  • इस मध्य बिंदु से अंतर जितना अधिक होगा विस्तार या संकुचन उतना ही अधिक होगा।
  • विस्तार की दर को पिछले महीने के आंकड़ों के साथ पीएमआई की तुलना करके भी आंका जा सकता है।
  • यदि आंकड़ा पिछले महीने की तुलना में अधिक है तो अर्थव्यवस्था का तेजी से विस्तार हो रहा है। यदि यह पिछले महीने की तुलना में कम है तो यह कम दर से बढ़ रहा है।

PMI का महत्त्व 

  • यह अर्थव्यवस्था को एक विश्वसनीय आंकड़े प्रदान करता है।
  • यह आर्थिक गतिविधि का एक संकेतक है।

सेवा PMI की वर्तमान स्थिति

  • लगातार 19वें महीने के लिए हेडलाइन का आंकड़ा तटस्थ 50 अंक से ऊपर था, जो विस्तार को दर्शाता है।
  • लागत दबावों में काफी कमी आई है क्योंकि इनपुट कीमतें लगभग ढाई साल में सबसे धीमी गति से बढ़ीं और आउटपुट चार्ज मुद्रास्फीति 12 महीने के निचले स्तर पर आ गई।

सेवा क्षेत्र

  • इसे तृतीयक क्षेत्र कहा जाता है।
  • इसमें ऐसी आर्थिक गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जिसमें ग्राहकों को अमूर्त सामान और सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

उदाहरणस्वरूप : होटल, ट्रैवल एजेंसियां, बैंक, बीमा कंपनियां, सुपरमार्केट, डिपार्टमेंट स्टोर, सॉफ्टवेयर विकास, दूरसंचार और डेटा प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

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