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Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 1

ब्रिटेन की औद्योगिक क्रांति ने भारत के साथ आर्थिक समन्वय की नई परिभाषा प्रस्तुत की। टिप्पणी कीजिये। (250 शब्द)

08-Jul-2021 | GS Paper - 1

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका (40-50 शब्द)

ब्रिटिश औद्योगिक क्रांति का संक्षिप्त परिचय लिखें।

मुख्य भाग (140-150 शब्द)

  • ब्रिटिश औद्योगिक क्रांति की आवश्यकताओं के अनुरूप भारत में अपनाई गई नीतियों यथा- प्रथम चरण (वाणिज्यिक पूँजीवाद; 1757-1813 ई.) के अंतर्गत बंगाल पर प्रभुत्व के साथ आर्थिक लूट, व्यापारिक एकाधिकार स्थापित कर अत्यधिक पूँजी का संग्रह करना,
  • द्वितीय चरण (औद्योगिक पूँजीवाद; 1813- 1860 ई.) के अंतर्गत कंपनी के एकाधिकार को समाप्त कर भारत में मुक्त व्यापार की नीति प्रारंभ करना, भारतीय बाज़ार में ब्रिटिश निर्मित वस्तुओं की भरमार, कच्चे माल के निर्यात हेतु कृषि के वाणिज्यीकरण तथा तृतीय चरण (वित्तीय पूँजीवाद; 1860-1947 ई.) के अंतर्गत औद्योगिक क्रांति से संग्रहित पूँजी का भारत में सार्वजानिक ऋण के रूप में निवेश आदि की चर्चा करें।

निष्कर्ष (40-50 शब्द)

ब्रिटिश औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप भारत में अपनाई गई नीतियों के वास्तविक उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए संतुलित निष्कर्ष लिखें।

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