भारत में बढ़ते आर्द्रभूमि या जलाशय प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों एवं इसके अल्पीकरण के उपायों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)

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Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 3

भारत में बढ़ते आर्द्रभूमि या जलाशय प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों एवं इसके अल्पीकरण के उपायों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)

10-Oct-2023 | GS Paper - 3

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका 

  • आर्द्रभूमि (जैसे- जलमग्न क्षेत्र को आर्द्रभूमि कहा जाता है) से आशय स्पष्ट करें तत्पश्चात इसके प्राकृतिक एवं कृत्रिम प्रकार की चर्चा करते हुए संक्षिप्त में भूमिका लिखें।

मुख्य भाग 

  • आर्द्रभूमियों के प्रदूषण के प्रमुख कारणों में, बढ़ते शहरीकरण, औद्योगीकरण और ख़राब कृषि पद्धतियों के साथ ही मानवजनित गतिविधियाँ शामिल हैं। जिसके कारण  आर्द्रभूमियों में सीसा, क्रोमियम, कैडमियम, तांबा, पारा, निकल, जस्ता, मैंगनीज और आर्सेनिक की मात्रा बढ़ने से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
  • भारी धातुओं के द्वारा भूमि प्रदूषण ,जल प्रदूषण तथा पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्या उत्पन्न हो रही है यह एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
  • इस प्रदूषण का प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ रहा है जिससे कई जानलेवा बीमारियाँ जैसे –कैंसर आदि उत्पन्न हो रही हैं, इत्यादि तथ्यों का भी उल्लेख करें।

निष्कर्ष      

  • आर्द्रभूमि पर्यावरण के लिए अति महत्वपूर्ण हैं इसलिए इनका संरक्षण अति आवश्यक है जिसके लिए रामसर साईट एवं भारत सरकार के द्वारा किये जा रहे प्रयासों को बताते हुए संक्षिप्त में निष्कर्ष लिखें।
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