New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 1

पृथ्वी की आंतरिक संरचना की व्याख्या कीजिए। (शब्द सीमा 250)

26-Nov-2023 | GS Paper - 1

Approach:

उत्तर प्रारूप 

भूमिका 

  • पृथ्वी की आंतरिक संरचना मानव के लिए दृश्य नहीं है,अतः इसके संबंध में जानकारी अप्रत्यक्ष साधनों से प्राप्त हुआ है; आदि की चर्चा करते हुए संक्षिप्त में भूमिका लिखें।

मुख्य भाग 

  • पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए तीन स्रोतों का उपयोग किया जाता है-

1.अप्राकृतिक (Artificial Sources) :इसके अंतर्गत पृथ्वी का घनत्व, दबाव एवं तापमान का अध्ययन किया जाता है।
2. प्राकृतिक साधनः इसके अंतर्गत पृथ्वी के आंतरिक भाग का अध्ययन ज्वालामुखी एवं भूकंप के माध्यम से किया जाता है।
3. पृथ्वी की उत्पत्ति से संबधित सिद्धांतो  के साक्ष्य: इसके अंतर्गत पृथ्वी के आंतरिक भाग का अध्ययन पृथ्वी की उत्पत्ति से संबधित दिये गये सिद्धांतो  के साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है; जैसे- ग्रहाणु परिकल्पना-इसमें पृथ्वी के आंतरिक भाग को ठोस माना गया है। ज्वारीय परिकल्पना और वायव्य निहारिका परिकल्पना- इसमें पृथ्वी के आंतरिक भाग को तरल माना गया है।  

  • नोट - पृथ्वी का आंतरिक भाग ठोस और तरल दोनों से मिलकर बना है।
  • International Union of Geodesy and Geophysics :IUGG के शोध के आधार पर पृथ्वी के आंतरिक भाग को तीन भागों में विभक्त किया गया है -

1. भू-पर्पटी (Crust), 2- मैटल (Mantle), 3. क्रोड़ (Core);इन तीनों का उल्लेख करें।

निष्कर्ष 

  • पृथ्वी के आंतरिक संरचना के महत्व को बताते हुए संक्षिप्त में निष्कर्ष लिखें।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR