New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 1

'भारत का हिमालयी क्षेत्र पश्चिमी घाट की तुलना में भूस्खलन के प्रति अधिक संवेदनशील है।' विवेचना कीजिये। (250 शब्द)

23-Jul-2021 | GS Paper - 1

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका (40-50 शब्द)

भूस्खलन के लिये ज़िम्मेदार प्रमुख कारकों का उल्लेख करते हुए भूस्खलन को संक्षेप में परिभाषित करें।

मुख्य भाग (140-150 शब्द)

  • हिमालय एवं पश्चिमी घाट क्षेत्रों की पर्वतीय संरचना जैसे- हिमालय का भूगर्भीय रूप से युवा एवं बनावट के दृष्टिकोण से वलित पर्वत श्रृखंला होना जबकि पश्चिमी घाट का घर्षित ब्लॉक पर्वत होना आदि की चर्चा करें।
  • पश्चिमी घाट की तुलना में हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन के लिये अधिक अनुकूल दशाओं जैसे– अधिक भूकंपीय घटनाएँ, अपेक्षाकृत अधिक तीव्र ढाल, नदियों एवं हिमनदों द्वारा जल का सतत् प्रवाह, अधिक तापमान परिवर्तन इत्यादि का उल्लेख करें।
  • उन दशाओं का भी उल्लेख करें जो पश्चिमी घाट को भूस्खलन के लिये कम संवेदनशील बनाती है, जैसे- भूकंप के प्रति कम संवेदनशील जोन, ऊँचाई का अपेक्षाकृत कम होना, नदीय अवसाद का अपेक्षाकृत कम होना, मानवीय गतिविधियों का अपेक्षाकृत कम होना इत्यादि की चर्चा करें।

निष्कर्ष (50-60 शब्द)

भूस्खलन द्वारा होने वाली हानियों का उल्लेख करते हुए संतुलित निष्कर्ष लिखें।

upsc english
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR