New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 3

‘क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RECP) समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये महत्त्वपूर्ण विकल्प सिद्ध हो सकता है’। इसके बावजूद भारत द्वारा इस समझौते से अलग होने सम्बंधी निर्णय के क्या निहितार्थ हो सकते हैं? परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)

27-Nov-2020 | GS Paper - 3

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका (30-50 शब्द)

‘क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी’ का परिचय देते हुए भारत को इससे होने वाले लाभों को संक्षेप में उल्लेख करें।

मुख्य भाग (150-170)

  • भारत द्वारा इस समझौते से अलग होने के कारणों जैसे- बढ़ता व्यापार घाटा, स्थानीय उत्पादकों के हितों की रक्षा, रूल्स ऑफ़ ओरिजिन को कठोर बनाने और ऑटो ट्रिगर तंत्र को मज़बूत बनाने आदि पर भारत की चिंताओं को महत्त्व न देना आदि बिंदुओं की संक्षेप में चर्चा करें।
  • भारत के इस समझौते से अलग रहने के निर्णय के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की चर्चा करें, जैसे- मेक इन इंडिया के तहत स्थानीय उत्पाद के निर्माण को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत का निर्माण, व्यापार घाटे को कम का प्रयास आदि। साथ ही, संक्षेप में प्रमुख नकारात्मक प्रभावों, जैसे- इस समझौते में शामिल बड़े देशों के बाज़ारों तक सम्भावित पहुँच से वंचित रहना, द्विपक्षीय व्यापार सम्बंधों पर प्रभाव और एक्ट ईस्ट नीति सम्बंधी प्रभावों का उल्लेख करें।

निष्कर्ष (30-50 शब्द)

निष्कर्ष में बताएँ कि सरकार द्वारा स्थानीय आपूर्ति शृंखला को मज़बूत करके विकास के सम्भावित क्षेत्रों की पहचान कर निर्यात को बढ़ावा देकर लाभ अर्जित किया जा सकता है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR