New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM Spring Sale UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 6th Feb., 2026 GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM Spring Sale UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 6th Feb., 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 1

सैंधव सभ्यता की मूर्तियों से तत्कालीन कलात्मक उत्कृष्टता के साथ ही सामाजिक जीवन का भी सजीव चित्रण होता है। चर्चा कीजिये। (250 शब्द)

10-Feb-2021 | GS Paper - 1

Solutions:

उत्तर-प्रारूप

भूमिका (50 शब्द)

  • भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को समझने के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण पुरातात्विक स्रोत के रूप में सिंधुकालीन मूर्तिकला का उल्लेख करते हुए संक्षिप्त भूमिका लिखें।

मुख्य भाग (150 शब्द)

  • सैंधव मूर्तिकला की कलात्मक उत्कृष्टता के अंतर्गत कांस्य, मिट्टी एवं प्रस्तर मूर्ति की प्राप्ति, लुप्त मोम तकनीक से धातु मूर्तियों का निर्माण, मूर्तियों में सजीवता, रचनात्मकता एवं प्रभावशीलता के गुण आदि का उल्लेख करें।
  • तत्कालीन सामाजिक जीवन के चित्रण के तहत योगी की मूर्ति एवं मातृदेवी की मूर्ति से क्रमशः पशुपति शिव एवं उर्वरता की उपासना का ज्ञान, नृत्यरत मुद्रा की मूर्ति एवं विभिन्न पशु-पक्षियों की मूर्तियों से क्रमशः मनोरंजन के साधन एवं प्रकृति प्रेम का ज्ञान आदि की चर्चा करें।

निष्कर्ष (50 शब्द)

  • सैंधव सभ्यता की जानकारी के स्रोतों में मूर्तिकला के महत्त्व को संक्षेप में बताते हुए निष्कर्ष लिखें।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X