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शॉर्ट न्यूज़

शॉर्ट न्यूज़ : 09 नवंबर, 2022


भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण

 जी20 की अध्यक्षता : लोगो एवं थीम का अनावरण 


भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, गृह मंत्रालय ने देश की 576 भाषाओं की फील्ड वीडियोग्राफी के साथ भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण (MTSI) का कार्य पूरा किया।

भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण के बारे में

  • भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण उन मातृभाषाओं का सर्वेक्षण करने वाली एक परियोजना है जिनका विवरण लगातार दो या अधिक जनगणना दशकों में उल्लिखित होता हैं। यह चयनित भाषाओं की भाषाई विशेषताओं का दस्तावेजीकरण भी करता है।
  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) तथा राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) ऑडियो-वीडियो फाइल्स में सर्वेक्षण की गई मातृभाषाओं के भाषाई डाटा का दस्तावेजीकरण व संरक्षण करेंगे। मातृभाषाओं के वीडियो-ग्राफी किये गए भाषा डाटा को संग्रह के उद्देश्य से एन.आई.सी. पर भी अपलोड किया जाएगा। 
  • गृह मंत्रालय की वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट में प्रत्येक स्थानीय मातृभाषा की मूल विशेषताओं को संरक्षण और विश्लेषण करने के लिये राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में एक वेब संग्रहालय स्थापित करने की योजना का उल्लेख किया गया है।

भारत में मातृभाषाएँ

  • वर्ष 2018 में 2011 की भाषाई जनगणना के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, भारत में 19,500 से अधिक भाषाएँ या बोलियाँ मातृभाषा के रूप में बोली जाती हैं।
  • भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त ने पूर्व में कहा था कि 19,569 विवरणों की भाषाई जांच, संपादन और युक्तिकरण के बाद उन्हें 121 मातृभाषाओं में बांटा गया था।
  • वर्ष 2011 की भाषाई जनगणना के अनुसार, हिंदी सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली मातृभाषा है जिसे 52.8 करोड़ लोगों (43.6%) द्वारा बोला जाता हैं। इसके बाद दूसरा स्थान बंगाली का है जिसका 9.7 करोड़ लोगों (8%) द्वारा मातृभाषा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 

प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा

  • विगत माह शिक्षा के मूलभूत चरणों के लिये शुरू किये गए नए ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा’ (NCF) ने सिफारिश की है कि आठ वर्ष तक के बच्चों के लिये स्कूलों में मातृभाषा शिक्षा का प्राथमिक माध्यम होना चाहिये।
  • शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा पर ध्यान केंद्रित करना, विशेष रूप से प्राथमिक स्कूली शिक्षा के लिये, वर्षों से शिक्षा नीतियों की एक विशेषता रही है।
  • नया एन.सी.एफ., जो प्री-स्कूल और कक्षा 1-2 से संबंधित है, शिक्षा के प्राथमिक माध्यम के रूप में मातृभाषा की विशेषताओं पर जोर देते हुए कहता है कि जब तक बच्चे प्री-स्कूल में प्रवेश लेते हैं, तब तक वे ‘घरेलू भाषा’ में महत्त्वपूर्ण योग्यता हासिल कर लेते हैं।
  • एन.सी.एफ. के अनुसार, अनुसंधान से प्राप्त निष्कर्ष प्रारंभिक वर्षों के दौरान बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाने के महत्त्व की पुष्टि करते हैं।
  • चूँकि बच्चे अपनी घरेलू भाषा में अवधारणाओं को सबसे तेजी से और गहराई से सीखते हैं, इसलिये शिक्षा का प्राथमिक माध्यम बच्चे की घरेलू भाषा/मातृभाषा होनी चाहिये।

 जी20 की अध्यक्षता : लोगो एवं थीम का अनावरण 

चर्चा में क्यों

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 08 नवंबर को भारत द्वारा जी20 अध्यक्षता के लिये लोगो (Logo), थीम और वेबसाइट का अनावरण किया।

प्रमुख बिंदु

  • विदित है कि 1 दिसम्बर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक एक वर्ष के लिये भारत जी20 समूह की अध्यक्षता करेगा। जी20 शिखर सम्मेलन 15 और 16 नवंबर को बाली, इंडोनेशिया में हो रहा है।

G-20

  • भारत से पूर्व इंडोनेशिया इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है। उल्लेखनीय है कि भारत के पश्चात इस समूह की अध्यक्षता करने वाले देश क्रमश: ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका हैं।
  • भारत की जी20 अध्यक्षता के लिये अधिकारिक वेबसाइट www.g20.in है। साथ ही, एक मोबाइल ऐप ‘जी20 इंडिया’ भी जारी किया गया है।

जी20 : लोगो और थीम 

लोगो (Logo)

  • जी20 लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों से प्रेरित है। इसमें केसरिया, सफेद, हरा और नीला रंग शामिल है।

one-earth

  • इसमें भारत के राष्ट्रीय पुष्प कमल के साथ पृथ्वी को जोड़ा गया है, जो चुनौतियों के बीच विकास को दर्शाता है। 
  • पृथ्वी जीवन के प्रति भारत के धरती के अनुकूल दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य को प्रतिबिंबित करता है। जी20 लोगो के नीचे देवनागरी लिपि में ‘भारत’ का उल्लेख है।

थीम (Theme)

  • भारत की जी20 समूह की अध्यक्षता की थीम ‘वसुधैव कुटुंबकम’ या ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ (One Earth One Family One Future) को चुना गया है। इसे महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है।

जी20

  • जी20 विश्व की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर सरकारी मंच है। इसकी स्थापना वर्ष 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद की गयी थी। इसका कोई स्थायी सचिवालय नहीं है। 
  • यह सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर वित्त और शासन को आकार देने व मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • यह समूह भावी वैश्विक आर्थिक विकास और समृद्धि को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभाता है।
  • जी20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है जो वैश्विक जी.डी.पी. (GDP) का लगभग 85%, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का लगभग 75% तथा वैश्विक आबादी के लगभग दो-तिहाई का प्रतिनिधित्व करता है।
  • जी20 में दो समानांतर ट्रैक शामिल होते हैं : फाइनेंस ट्रैक और शेरपा ट्रैक। वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर वित्त ट्रैक का नेतृत्व करते हैं जबकि शेरपा ट्रैक का नेतृत्व शेरपा द्वारा किया जाता है।
  • वर्तमान में 20 सदस्य राष्ट्र और यूरोपीय संघ इसके सदस्य है। जिसमे अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यू.के., अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल है।
  • इस समूह के अतिथि देशों की सूची (9) में बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

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