01-Dec-2021
हाल ही में, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने ‘रिवर सिटीज अलायंस’ का शुभारंभ किया। ‘रिवर सिटीज अलायंस’ भारत का एक ऐसा विचार मंच है, जिसका उद्देश्य नदी तट पर बसे शहरों का सतत् प्रबंधन सुनिश्चित करना है। यह विश्व में अपनी तरह का पहला गठबंधन है।
01-Dec-2021
हाल ही में, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने ‘वायुमंडल और जलवायु अनुसंधान-मॉडलिंग प्रेक्षण प्रणाली एवं सेवाएँ’ (Atmosphere & Climate Research-Modelling Observing Systems & Services – ACROSS) नामक एक अंब्रेला योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है।
01-Dec-2021
भारतीय वायु सेना के सैन्य विमानों में उपयोग के लिये विकसित जैव-जेट ईंधन के उत्पादन की स्वदेशी तकनीक को औपचारिक रूप से मंज़ूरी दी गई है।
01-Dec-2021
हाल ही में, राज्यसभा में विपक्षी दल के नेता द्वारा किसान आंदोलन को गैर-निवासी भारतीयों द्वारा दी जा रही मदद के संबंध में पूछे जाने वाले एक प्रश्न को संसद के शीतकालीन सत्र में प्रश्नों की अंतिम सूची से हटा दिया गया।
01-Dec-2021
भारत में अन्य देशों की तुलना में उपभोक्ता उपकरणों की पहुँच काफी कम है, जबकि देश में एक बड़ा एवं अप्रयुक्त बाज़ार उपलब्ध है। इससे माना जा रहा है कि भारतीय बाज़ार ‘व्हाइट गुड्स’ उद्योग के लिये बेहतर अवसर के साथ-साथ उचित माहौल भी उपलब्ध कराएगा।
30-Nov-2021
कोविड-19 महामारी के दौरान अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के रूप में, सफाई कर्मियों को बड़े जोखिमों का सामना करना पड़ा। हाल ही में शुरू किये गए, स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा और कल्याण की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
30-Nov-2021
केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किये जाने के लिये 29 विधेयकों (26 नए और तीन लंबित) को सूचीबद्ध किया है। वर्ष 2014 में ‘पूर्व-विधान परामर्श नीति’ को अपनाए जाने के बाद से संसद में पेश किये गए 301 विधेयकों में से 227 विधेयक बिना किसी पूर्व परामर्श के प्रस्तुत किये गए हैं।
30-Nov-2021
विगत कुछ वर्षों में बैंकों के बैड लोन अथवा दबावग्रस्त परिसंपत्तियों की समस्या के समाधान तथा इनकी वसूली में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। इसके बावजूद, अभी भी लगभग 10 लाख करोड़ रुपए का बैड लोन बकाया है। ऐसे में, सार्वजनिक क्षेत्र की नवगठित कंपनी ‘राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी लिमिटेड’ (NARCL) ऋणदाताओं के तुलन-पत्र में शीघ्र सुधार होने की उम्मीद जगाती है।
30-Nov-2021
सरकार के पास असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से संबंधित सटीक आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में, आर्थिक संकट के दौरान श्रमिकों की पहचान करना तथा उन तक त्वरित सहायता पहुँचाना एक कठिन कार्य होता है। विगत वर्ष जब कोविड-19 महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन लगा था, तो प्रवासी श्रमिकों के संकट से भारत के सामाजिक सुरक्षा ढाँचे में व्याप्त कमियाँ उजागर हो गई थीं।
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