अंबेडकर जयंती- 14 अप्रैल

चर्चा में क्यों?

  • अंबेडकर जयंती हर वर्ष 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। 
  • वे एक महान संविधान निर्माता, समाज सुधारक, विधिवेत्ता, और दलितों के अधिकारों के पक्षधर थे। 
  • उन्होंने जीवनभर समानता, सामाजिक न्याय, और जाति-भेद के उन्मूलन के लिए संघर्ष किया। 
  • अंबेडकर जयंती के माध्यम से हम उनके आदर्शों को याद करते हैं और समाज में भाईचारा, समरसता और न्याय के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।

डॉ. भीमराव अंबेडकर : महत्वपूर्ण तथ्य

विषय

विवरण

पूरा नाम

डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर

जन्म

14 अप्रैल 1891, महू (मध्य प्रदेश)

पिता का नाम

रामजी मालोजी सकपाल

जाति

महार (दलित)

उपनाम/सम्मान

संविधान निर्माता, बाबा साहेब

शिक्षा

कोलंबिया विश्वविद्यालय (Ph.D.), लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स (D.Sc.)

प्रमुख पुस्तकें

Annihilation of Caste, The Problem of the Rupee, Thoughts on Linguistic States, Who Were the Shudras?

राजनीतिक दल

स्वतंत्र मजदूर दल (1936), शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन (1942)

पहली पत्रिका

मूकनायक (1920)

बौद्ध धर्म दीक्षा

14 अक्टूबर 1956, नागपुर में

निधन

6 दिसंबर 1956, दिल्ली

महत्वपूर्ण योगदान

  1. संविधान निर्माण में योगदान:
    • संविधान सभा में ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष।
    • भारतीय संविधान में सामाजिक न्याय, समानता और मौलिक अधिकारों का प्रावधान।
  2. सामाजिक सुधार आंदोलन:
    • छुआछूत उन्मूलन, मंदिर प्रवेश आंदोलन (कालाराम मंदिर आंदोलन, 1930), पानी के अधिकार (महाड़ सत्याग्रह, 1927)।
  3. श्रम कानूनों में सुधार:
    • श्रमिकों के कार्य घंटे 14 से घटाकर 8 घंटे किए।
  4. महिला सशक्तिकरण के पक्षधर:
    • हिंदू कोड बिल का मसौदा तैयार किया (महिलाओं को संपत्ति अधिकार, विवाह-तलाक के अधिकार)।

प्रश्न - अंबेडकर जयंती कब मनाई जाती है ?

(a) 14 अप्रैल

(b) 15 अप्रैल

(c) 16 अप्रैल

(d) 18 अप्रैल

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