चर्चा में क्यों?
आंध्र प्रदेश प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाता है। यह दिवस वर्ष 1956 में आंध्र राज्य और तत्कालीन हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों के विलय से आंध्र प्रदेश के गठन की स्मृति में मनाया जाता है।
प्रमुख तथ्य
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विवरण
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जानकारी
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आंध्र राज्य का गठन
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1 अक्टूबर, 1953
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आंध्र प्रदेश का गठन
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1 नवंबर, 1956
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गठन संबंधी अधिनियम
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आंध्र राज्य अधिनियम, 1953 एवं राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956
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आंध्र राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री
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तंगुतुरी प्रकाशम पंतुलु
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आंध्र प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री
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नीलम संजीव रेड्डी
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राजधानी क्षेत्र
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अमरावती
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प्रमुख भाषा
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तेलुगु
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शास्त्रीय नृत्य
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कुचिपुड़ी
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प्रमुख नदियाँ
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गोदावरी एवं कृष्णा
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राज्य का विभाजन
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2 जून, 2014
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नवगठित राज्य
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तेलंगाना
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विभाजन संबंधी अधिनियम
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आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014
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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
स्वतंत्रता से पूर्व तेलुगु भाषी क्षेत्र
- स्वतंत्रता से पूर्व तेलुगु भाषी आबादी का एक बड़ा भाग मद्रास प्रेसीडेंसी में निवास करता था, जबकि अन्य तेलुगु भाषी क्षेत्र हैदराबाद रियासत का हिस्सा थे।
- तेलुगु भाषी लोगों ने अपनी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए एक अलग प्रशासनिक इकाई की माँग तेज कर दी। स्वतंत्रता के बाद इस माँग ने और अधिक गति पकड़ी।
पोट्टि श्रीरामुलु और आंध्र आंदोलन
- पोट्टि श्रीरामुलु आंध्र आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक थे।
- वे एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे, जिन्होंने तेलुगु भाषी लोगों के लिए अलग राज्य की माँग को लेकर आमरण अनशन किया।
- उनका अनशन 19 अक्टूबर, 1952 को प्रारंभ हुआ। 58 दिनों के अनशन के बाद 15 दिसंबर, 1952 को उनका निधन हो गया।
- उनके निधन के बाद तेलुगु भाषी क्षेत्रों में व्यापक विरोध प्रदर्शन और जन आंदोलन हुए।
- इस आंदोलन ने भारत सरकार पर अलग आंध्र राज्य के गठन की माँग स्वीकार करने के लिए व्यापक राजनीतिक दबाव बनाया।
आंध्र राज्य का गठन: 1 अक्टूबर, 1953
- आंदोलन के परिणामस्वरूप भारत सरकार ने अलग तेलुगु भाषी राज्य के गठन की माँग स्वीकार कर ली।
- आंध्र राज्य अधिनियम, 1953 ने इसके गठन के लिए कानूनी आधार प्रदान किया।
- 1 अक्टूबर, 1953 को तत्कालीन मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को अलग करके आंध्र राज्य का गठन किया गया।
- आंध्र स्वतंत्र भारत में भाषायी आधार पर गठित पहला राज्य बना।
- कुर्नूल इसकी राजधानी तथा तंगुतुरी प्रकाशम पंतुलु इसके प्रथम मुख्यमंत्री बने।
राज्य पुनर्गठन आयोग और आंध्र प्रदेश का गठन
- आंध्र राज्य के गठन के बाद भारत के अन्य क्षेत्रों में भी भाषायी आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की माँग बढ़ने लगी।
- दिसंबर 1953 में भारत सरकार ने राज्य पुनर्गठन आयोग (States Reorganisation Commission) का गठन किया।
- इस आयोग के अध्यक्ष फज़ल अली थे, जबकि के. एम. पणिक्कर और एच. एन. कुंजरू इसके सदस्य थे।
- आयोग ने राज्यों के पुनर्गठन के संदर्भ में भाषायी, प्रशासनिक, भौगोलिक, आर्थिक और राष्ट्रीय हितों से जुड़े पहलुओं का अध्ययन किया।
वर्ष 1956 में आंध्र प्रदेश का गठन
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 ने भारत में राज्यों के पुनर्गठन के लिए कानूनी आधार प्रदान किया।
- 1 नवंबर, 1956 को आंध्र राज्य का तत्कालीन हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी तेलंगाना क्षेत्र के साथ विलय कर दिया गया।
- नवगठित राज्य का नाम आंध्र प्रदेश रखा गया तथा हैदराबाद इसकी राजधानी बना।
- नीलम संजीव रेड्डी नवगठित आंध्र प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने।
तेलंगाना आंदोलन और आंध्र प्रदेश का विभाजन
- वर्ष 1956 में आंध्र प्रदेश के गठन के बावजूद क्षेत्रीय राजनीतिक आकांक्षाएँ समाप्त नहीं हुईं।
- इसके बाद के दशकों में अलग तेलंगाना राज्य की माँग लगातार बढ़ती गई।
- यह आंदोलन मुख्य रूप से निम्नलिखित चिंताओं से प्रभावित था:
- क्षेत्रीय आर्थिक विकास में असमानता।
- रोजगार के अवसरों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे।
- सिंचाई और जल संसाधनों के आवंटन से संबंधित विवाद।
- सार्वजनिक व्यय और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जुड़ी चिंताएँ।
- क्षेत्रीय पहचान और सांस्कृतिक आकांक्षाएँ।
वर्ष 2014 में तेलंगाना का गठन
- वर्षों के राजनीतिक आंदोलनों और वार्ताओं के बाद संसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 पारित किया।
- इस अधिनियम में आंध्र प्रदेश के विभाजन का प्रावधान किया गया।
- 2 जून, 2014 को तेलंगाना एक अलग राज्य बना। उस समय यह भारत का 29वाँ राज्य था।
- विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश एक अलग राज्य के रूप में बना रहा, जबकि तेलंगाना हैदराबाद को अपनी राजधानी बनाकर अलग राज्य बना।
- अधिनियम के अंतर्गत हैदराबाद को अधिकतम दस वर्षों की अवधि के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की साझा राजधानी घोषित किया गया था।
संवैधानिक एवं विधायी ढाँचा
अनुच्छेद 3: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3 संसद को नए राज्यों का गठन करने तथा मौजूदा राज्यों के क्षेत्रफल, सीमाओं या नामों में परिवर्तन करने की शक्ति प्रदान करता है।
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अधिनियम
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वर्ष
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महत्त्व
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आंध्र राज्य अधिनियम
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1953
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आंध्र राज्य की स्थापना की।
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राज्य पुनर्गठन अधिनियम
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1956
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आंध्र राज्य और तेलंगाना क्षेत्र के विलय से आंध्र प्रदेश का गठन किया।
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आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम
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2014
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अलग तेलंगाना राज्य के गठन का प्रावधान किया।
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भौगोलिक महत्त्व
- आंध्र प्रदेश भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित है।
- राज्य में विस्तृत समुद्र तट, उपजाऊ नदी डेल्टा, कृषि मैदान तथा पूर्वी घाट के कुछ भाग स्थित हैं।
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भौगोलिक विशेषता
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विवरण
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अवस्थिति
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दक्षिण-पूर्वी भारत
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राजधानी
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अमरावती (राज्य का राजधानी क्षेत्र)
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समुद्र तट
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बंगाल की खाड़ी के किनारे
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प्रमुख नदियाँ
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गोदावरी, कृष्णा एवं पेन्ना
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प्रमुख पर्वत प्रणाली
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पूर्वी घाट
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महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक क्षेत्र
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अराकू घाटी
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प्रमुख कृषि क्षेत्र
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कृष्णा–गोदावरी डेल्टा
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गोदावरी एवं कृष्णा नदी तंत्र
- गोदावरी और कृष्णा नदियाँ आंध्र प्रदेश की कृषि एवं जल संसाधन प्रबंधन में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं।
- इन नदियों के विस्तृत डेल्टा क्षेत्र धान की खेती तथा अन्य कृषि गतिविधियों के लिए अनुकूल हैं।
- ये नदियाँ सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और जलविद्युत विकास में भी महत्त्वपूर्ण योगदान देती हैं।
सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत
- कुचिपुड़ी: कुचिपुड़ी भारत की मान्यता प्राप्त शास्त्रीय नृत्य शैलियों में से एक है, जिसकी उत्पत्ति आंध्र प्रदेश में हुई। इसमें नृत्य, संगीत, भाव-भंगिमाओं तथा नाटकीय कथावाचन का समन्वय होता है।
- अमरावती की बौद्ध विरासत: अमरावती ऐतिहासिक रूप से एक प्रमुख बौद्ध केंद्र रहा है। अमरावती स्तूप और इसकी मूर्तिकला परंपरा प्राचीन भारतीय बौद्ध कला के महत्त्वपूर्ण विकास को दर्शाती है।
- तिरुपति: तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है।
- लेपाक्षी: लेपाक्षी विजयनगर कालीन मंदिर स्थापत्यकला, भित्तिचित्रों तथा वीरभद्र मंदिर के प्रसिद्ध लटकते स्तंभ के लिए जाना जाता है।
- तेलुगु साहित्य: तेलुगु भाषा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा रही है। नन्नय, तिक्कन और येर्रप्रगड जैसे कवियों ने इसमें महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इन तीनों कवियों का संबंध तेलुगु महाभारत की साहित्यिक परंपरा से है।
आर्थिक महत्त्व
कृषि
- आंध्र प्रदेश की प्रमुख कृषि उपज में धान, मिर्च, तंबाकू, कपास, गन्ना तथा विभिन्न बागवानी फसलें शामिल हैं।
- कृष्णा और गोदावरी नदियों के डेल्टा क्षेत्र कृषि उत्पादन की दृष्टि से विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हैं।
मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि
- आंध्र प्रदेश मत्स्य पालन और जलीय कृषि (Aquaculture) का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है।
- राज्य की लंबी तटरेखा, अंतर्देशीय जल संसाधन तथा जलीय कृषि संबंधी अवसंरचना समुद्री खाद्य उत्पादन और निर्यात में योगदान देती है।
बंदरगाह एवं औद्योगिक विकास
- विशाखापत्तनम एक प्रमुख बंदरगाह शहर और औद्योगिक केंद्र है।
- राज्य की समुद्री तटरेखा समुद्री व्यापार, रसद प्रबंधन (Logistics), मत्स्य पालन तथा औद्योगिक विकास के लिए व्यापक अवसर प्रदान करती है।
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
प्रश्न. स्वतंत्र भारत में निम्नलिखित में से किस राज्य का गठन सबसे पहले भाषायी आधार पर किया गया था?
(a) आंध्र राज्य
(b) केरल
(c) कर्नाटक
(d) महाराष्ट्र
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न. वर्ष 1956 में आंध्र प्रदेश का गठन भारत में भाषायी आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की प्रक्रिया का एक महत्त्वपूर्ण चरण था। चर्चा कीजिए।
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FAQs
1. आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर को।
2. आंध्र राज्य की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: 1 अक्टूबर, 1953 को।
3. आंध्र राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
उत्तर: तंगुतुरी प्रकाशम पंतुलु।
4. वर्ष 1956 में गठित आंध्र प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
उत्तर: नीलम संजीव रेड्डी।
5. वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर किस राज्य का गठन हुआ था?
उत्तर: तेलंगाना।
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