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जैविक संवर्धन प्रभाग

प्रारंभिक परीक्षा – जैविक संवर्धन प्रभाग
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-3

चर्चा में क्यों

22 फरवरी, 2024 को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने भारत के जैविक निर्यात क्षेत्र के लिए एक समर्पित जैविक संवर्धन प्रभाग बनाया।

apeda

  • यह प्रभाग जैविक निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
  • यह देश की जैविक निर्यात क्षमता को बढ़ाने के प्रयासों में समन्वय के लिए एक केद्र के रूप में कार्य करेगा।
  • APEDA ने उत्तराखंड और सिक्किम से जैविक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप भी तैयार किया है।
  • इसके द्वारा जैविक कृषि पद्धतियों को बेहतर करने, प्रमाणन प्रक्रियाओं को आसान बनाने और प्रमुख निर्यात उत्पादों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
  • सिक्किम भारत का पहला जैविक राज्य (Organic State) है।

जैविक-कृषि

  • जैविक-कृषि एक प्रकार की संधारणीय कृषि पद्धति है।
  • कृषि की इस पद्धति में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता है।
  • इसमें फसलों को पोषक तत्व प्रदान करने के लिए फसल अपशिष्ट, फार्मयार्ड खाद (पशुओं का गोबर आदि), संवर्धित कम्पोस्ट जैसे कृषि इनपुट का उपयोग किया जाता है।
  • वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार विश्व में जैविक कृषि उत्पादन क्षेल के मामले में भारत का छठा स्थान है।
  • भारत में जैविक उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश है।
  • इसके बाद महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और ओडिशा का स्थान है।
  • भारत से जैविक उत्पाद संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, ग्रेट ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, तुर्की, ऑस्ट्रेलिया, इक्वाडोर आदि देशों को निर्यात किए जाते हैं।

जैविक कृषि का महत्त्वः

  • इससे मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है,
  • यह मृदा अपरदन को कम करती है,
  • इससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है,
  • इससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भीकमी आती है।

जैविक कृषि से संबंधित चुनौतियां:

  • पारंपरिक कृषि की तुलना में जैविक कृषि की पैदावार लगभग 18.4% कम है।
  • जैविक उत्पादों के लिए प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में अधिक खर्च होता है।
  • इस कृषि को बढ़ावा देने के लिए सहायक अवसंरचना का भी अभाव है।
  • जैविक कृषि में फसलों की अधिक निगरानी करनी पड़ती है, घास-फूस को समय पर नष्ट करना जरूरी होता है।
  • इसमें अधिक श्रम की जरूरत पड़ती है।

जैविक कृषि को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख पहल:

  • अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में जैविक उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए संशोधित राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
  • NPOP जैविक उत्पादों को प्रमाणित करने वाली संस्थाओं को प्रत्यायन (Accreditation) देने का कार्य करता है।
  • इसके अलावा यह जैविक उत्पादन और पैकेजिंग के लिए मानक भी तय करता है।
  • परंपरागत कृषि विकास योजना’ (PKVY) को वर्ष 2015 में प्रारंभ किया गया था जो 'सतत् कृषि के लिये राष्ट्रीय मिशन' (NMSA) के उप मिशन ‘मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन’ (Soil Health Management- SHM) का एक प्रमुख घटक है।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र  के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास  के लिएमिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्ट रीजन’ (MOVCD) चलाया जा रहा है।
  • कृषि एवं किसान कल्याण मंतालय ने ‘जैविक खेती’ नाम से जैविक ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्च किया है।
  • एक ज़िला- एक उत्पाद (One district - One product) योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को जैविक कृषि से बड़े पैमाने पर उत्पादन में मदद मिली है। 

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA)

  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Agricultural & Processed Food Products Export Development Authority-APEDA) की स्थापना भारत सरकार द्वारा कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1985 के अंतर्गत की गई थी।
  • यह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। 
  • इसका का मुख्यालय नई दिल्ली में है।

 प्रमुख कार्य 

  • वित्तीय सहायता प्रदान कर या सर्वेक्षण तथा अन्य राहतों व आर्थिक सहायता योजनाओं के द्वारा अनुसूचित उत्पादों के निर्यात से संबंद्ध उद्योगों का विकास करना।
  • निर्धारित शुल्क के भुगतान पर अनुसूचित उत्पादों के निर्यातकों के रूप में व्यक्तियों का पंजीकरण करना।
  • निर्यात उद्देश्य के लिए अनुसूचित उत्पादों के लिए मानक और विनिर्देश तय करना।
  • बूचड़खानों,प्रसंस्करण संयंत्रों, भंडारण परिसर, वाहनों या अन्य स्थानों में जहाँ ऐसे उत्पाद रखे जाते हैं या उन पर कार्य किया जाता है, उन उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण करना।
  • अनुसूचित उत्पादों की पैकेजिंग में सुधार लाना।
  • भारत से बाहर अनुसूचित उत्पादों के विपणन में सुधार लाना।
  • निर्यातोन्मुख उत्पादन का प्रोत्साहन और अनुसूचित उत्पादों का विकास।
  • उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन या अनुसूचित उत्पादों के निर्यात में लगे संगठनों या कारखानों के मालिकों या अनुसूचित उत्पादों से सम्बद्ध मामलों के लिए निर्धारित ऐसे अन्य व्यक्तियों से आंकड़े एकत्र करना तथा इस प्रकार एकत्रित किए गए आंकड़ों या उनके किसी एक भाग को प्रकाशित करना।
  • अनुसूचित उत्पादों से जुड़े उद्योगों के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण देना।

प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. 22 फरवरी, 2024 को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने भारत के जैविक निर्यात क्षेत्र के लिए महत्त्वपूर्ण प्रोत्साहन कदम उठाते हुए एक समर्पित जैविक संवर्धन प्रभाग बनाया गया।
  2. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकर(APEDA) का गठन  भारत सरकार द्वारा दिसंबर,1985 में संसद द्वारा पारित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम के तहत किया गया था।
  3. सिक्किम भारत का पहला जैविक राज्य (Organic State) है। 

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं ?

(a) केवल एक 

(b) केवल दो 

 (c) सभी तीनों 

(d)  कोई भी नहीं 

उत्तर: (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) द्वारा गठित जैविक संवर्धन प्रभाग के प्रमुख महत्त्व का उल्लेख कीजिए।

 स्रोत:pib

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